क्राइम

साले ने जीजा को शराब पिलाई, कैब में बिठाया और सुनसान इलाके में उसकी हत्या कर दी; आखिर क्या थी वजह

Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में एक साला अपने ही बहन के पति (जीजा) का कातिल बन गया। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कैलाश कॉलोनी में 20 वर्षीय युवक को मौत के घाट उतार दिया। 20 वर्षीय युवक की हत्या के मामले में उसके बहनोई समेत चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में चारो आरोपी।

Crime News: पहले सभी ने साथ में शराब पी, फिर एक कैब बुक किया, साले और उसके साथियों ने जीजा को सुनसान इलाके में ले गए, और वहां सबने मिलकर उसको मार डाला। इस वारदात को देश की राजधानी दिल्ली में अंजाम दिया गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, 7 मार्च को दिल्ली के कैलाश कॉलोनी में मिले 20 वर्षीय युवक की हत्या के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

साले और उसे साथियों ने अपने जीजा को मार डाला, जानें वजह

पुलिस जांच में पता चला कि उसकी हत्या उसके बहनोई और उसके साथियों ने की थी, क्योंकि वह अपनी पत्नी, जो कि एक आरोपी की बहन है, उसके साथ दुर्व्यवहार करता था। पुलिस को 7 मार्च को दिल्ली के कैलाश कॉलोनी में खाली पड़ी जमीन की झाड़ियों में एक अज्ञात पुरुष का शव मिलने की सूचना मिली थी। पीड़ित की गर्दन पर चोट के निशान थे और उसका चेहरा विकृत था। धारा 103(1)/3(5) बीएनएस, पीएस ज्योति नगर के तहत मामला दर्ज किया गया था।

हत्या की जांच के लिए एक टीम बनाई गई थी। उन्होंने आस-पास के कैमरों से सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तकनीकी निगरानी का इस्तेमाल किया और स्थानीय स्रोतों से जानकारी जुटाई। पूछताछ के दौरान पुलिस ने पीड़ित की पहचान जगतपुरी, दिल्ली के 20 वर्षीय ऋतिक के रूप में की। आगे की जांच में पता चला कि ऋतिक ने आरोपियों में से एक की बहन से भागकर शादी कर ली थी। ऋतिक कथित तौर पर उसे अपमानित करता था और उसके साथ दुर्व्यवहार करता था।

हत्या के मामले में चार आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

नारकोटिक्स/एनईडी टीम ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया: अशोक नगर के 20 वर्षीय शिवम, ज्योति नगर के 18 वर्षीय सोनू, ईस्ट नाथू कॉलोनी चौक के 23 वर्षीय सूरज और ईस्ट नाथू कॉलोनी चौक, दिल्ली के 18 वर्षीय विशाल। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि ऋतिक उनकी एक बहन को भगाने में शामिल था। उसके बाद ऋतिक ने कथित तौर पर उसे अपमानित और प्रताड़ित किया और उसके परिवार को गाली-गलौज और धमकी भी दी।

जब साले ने जीजा की हत्या का प्लान बनाया, जानिए कैसे मारा

6-7 मार्च, 2025 की रात को ऋतिक आरोपी के घर गया, जहां उसने परिवार का अपमान किया और उसके बारे में अपमानजनक टिप्पणियां कीं। जवाब में आरोपियों ने उसकी हत्या की योजना बनाई और मदद के लिए अपने दोस्तों को बुलाया। उन सभी ने ऋतिक के साथ शराब पी और जब वह नशे में था, तो वे उसे कैब में बिठाकर दिल्ली के कैलाश कॉलोनी के एक सुनसान इलाके में ले गए, जहां उन्होंने उसकी हत्या कर दी। बाद में पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल हथियार, खून से सना वॉश बेसिन का टुकड़ा और हत्या के दौरान आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े बरामद किए। मामले की आगे की जांच जारी है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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