क्राइम

Cyber ​​Fraud: गाजियाबाद में साइबर ठग चढ़े पुलिस के हत्थे, शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लूटे 22.5 करोड़ रुपये

share trading Fraud: पुलिस ने इन लोगों के पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, और लैपटॉप बरामद किए हैं। मामले की जांच कर इस ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश शुरू हो गई है।

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प्रतीकात्मक फोटो

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है, जो ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे। एडिशनल कमिश्नर दिनेश कुमार ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मथुरा और राजस्थान के रहने वाले दो युवकों को साइबर ठगी के मामले में अरेस्ट किया गया है। ये लोग दुबई के एक गिरोह से जुड़े हैं जो ऑनलाइन ठगी का काम करते हैं।

दुबई के गैंग ऑनलाइन मीडियम से एक्टिव रहते हैं। कॉल सेंटर के माध्यम से ये लोग शेयर ट्रेडिंग और शेयर मार्केटिंग के नाम पर लोगों को ठगते हैं। ये शातिर अपराधी लोगों को करोड़पति बनाने का झांसा देकर उनसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़ जाते हैं।

इसके बाद व्हाट्सएप पर कुछ वीडियो के लिंक भेजकर एक ऐप पर विजिट करने के लिए कहते हैं। इस तरह से दुबई में बैठे ये अपराधी लोगों के पैसे इन्वेस्ट कराकर उनके पैसे ठगते हैं। इन लोगों ने अब तक लगभग 22.5 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया है, जिसमें से 3 पीड़ित गाजियाबाद के भी शामिल हैं जिनसे डेढ़ करोड़ रुपए ठगे गए।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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