क्राइम

19 साल का लड़का...180 लड़‌कियों का शिकार! महाराष्ट्र से फिर आए 350 आपत्तिजनक वीडियो; किराए के कमरे में...

महाराष्ट्र के अमरावती में 180 नाबालिग लड़‌कियों के यौन शोषण और 350 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी के घर पर बुलडोजर एक्शन हुआ है। मामले में चार हिरासत में लिए गए हैं और डिलीट वीडियो रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की जांच के लिए 47 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है।

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अमरावती कांड (फोटो-Istock)

अमरावती : जिले से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर 180 नाबालिग लड़‌कियों के यौन शोषण और 350 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करने का आरोप है। मामले की गहनता से जांच के लिए 47 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। प्रशासन ने आरोपी अयान अहमद के खिलाफ उर्फ तनवीर अहमद के घर पर बुलडोजर की कार्रवाई की है। नगर निगम की टीम ने बुधवार को नोटिस जारी करने के बाद आरोपी के घर के कुछ हिस्सों को गिरा दिया। पुलिस ने एक्शन लेते हुए आरोपी को 21 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस के हवाले से आरोपी की पहचान मोहम्मद अयाज उर्फ तनवीर के रूप में हुई है, जो परतवाड़ा शहर का रहने वाला बताया जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाता था। वह पहले उनसे दोस्ती करता और फिर धीरे-धीरे उन्हें लव ट्रैप में डालकर अपने साथ मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों में ले जाता था। मीडिया खबरों के मुताबिक, आरोपी की उम्र महज 19 साल है।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

अयान अहमद तनवीर अहमद (19 वर्ष)

उजैर खान इकबाल खान (20 वर्ष)

मोहम्मद साद मोहम्मद साबिर (22 वर्ष)

तरबेज खान तस्लीम खान (24 वर्ष) शामिल हैं। सभी आरोपी अचलपुर और परतवाड़ा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।

किराए के कमरे में होता था शोषण, बनाए जाते थे वीडियो

जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी द्वारा अमरावती शहर में किराए पर कमरा लिया गया था, जहां लड़कियों को लाकर उनके साथ लैंगिक शोषण किया जाता था। इस दौरान अश्लील वीडियो भी बनाए जाते थे। शुरुआती जांच में दो पीड़िताओं के साथ हुए शोषण के वीडियो सामने आए हैं, जो इसी किराए के कमरे में शूट किए गए थे। इस मामले में एक आरोपी पर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप है, जबकि एक अन्य आरोपी ने कमरा किराए पर उपलब्ध कराया था—दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

4 आरोपी गिरफ्तार

अमरावती (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद ने बताया कि इस पूरे मामले में अभी तक 4 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं और 2 की तलाश जारी है। पूरा रैकेट सोशल मीडिया के माध्यम से चलता था। अब तक आठ पीड़ितों की पहचान हो चुकी है, तीन और की पहचान होने की संभावना है। हम पीड़ितों से अपील करते हैं कि वे डरें नहीं बल्कि, अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे आएं, उनकी गोपनीयता पूरी तरह बरकरार रखी जाएगी। सबसे पहले सामने आने वाले वीडियो में दो लड़कियों का शोषण दिखाया गया है। ये वीडियो अमरावती शहर के एक किराए के मकान में रिकॉर्ड किए गए थे। 47 सदस्यीय SIT का नेतृत्व IPS अधिकारी शुभम कुमार करेंगे। पांच मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

डिलीट वीडियो रिकवर करने की कोशिश

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं। इनमें मौजूद वीडियो की जांच की जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि कुछ वीडियो डिलीट किए गए थे, जिन्हें रिकवर करने की कोशिश की जा रही है।

घटनास्थल का रीक्रिएशन भी होगा

पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटनास्थल का रीक्रिएशन भी करेगी, ताकि पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझा जा सके और कोर्ट में मजबूत सबूत पेश किए जा सकें। चूंकि घटनास्थल अमरावती शहर का है, इसलिए शहर पुलिस आयुक्तालय भी इस जांच में सहयोग करेगा।

पुलिस की अपील

पुलिस ने साफ कहा है कि जो भी पीड़िताएं हैं, वे जहां चाहें वहां पुलिस को बुलाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। शिकायत को सील पैक कर पूरी गोपनीयता के साथ दर्ज किया जाएगा, ताकि पीड़ितों को किसी भी तरह की सामाजिक या मानसिक परेशानी का सामना न करना पड़े। हालांकि, 180 पीड़ितों के दावे पर फिलहाल पुलिस ने कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

पुलिस के मुताबिक, इन शहरों में ले जाकर वह कथित तौर पर लड़कियों का शोषण करता और उनके आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करता था। जांच में यह भी पता चला है कि इन वीडियो का इस्तेमाल बाद में पीड़ितों को ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था और उन्हें जबरन गलत कामों में धकेला जाता था। कुछ वीडियो के ऑनलाइन प्रसारित होने की भी आशंका जताई जा रही है, जिसकी जांच साइबर सेल कर रही है।

इस पूरे मामले को लेकर भाजपा के राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे ने ग्रामीण पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

7 दिन की हिरासत में आरोपी

इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसे 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है, जिसमें कई आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात सामने आई है। अब साइबर सेल डिजिटल सबूतों की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वीडियो किस तरह और किन लोगों तक पहुंचे।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमार author

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ... और देखें

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