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Atiq Ahmed Son Asad Encounter: कब, कैसे और कहां? अतीक अहमद के बेटे असद के एनकाउंटर की पूरी कहानी

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Apr 13, 2023, 08:20 PM IST

Atiq Ahmed Son Asad Encounter: गुरुवार को झांसी में अतीक अहमद के बेटे असद को पुलिस ने शार्प शूटर मोहम्मद गुलाम के साथ मार गिराया। यूपी एसटीएफ की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है। असद अपने साथी के साथ झांसी में छुपने के लिए आया था, जिसकी भनक पुलिस को लग गई थी।

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Atiq Ahmed Son Asad Encounter: UP DG L&Office प्रशांत कुमार प्रेस कांफ्रेंस

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • यूपी पुलिस उमेशपाल हत्याकांड के बाद से ही अतीक के बेटे असद के पीछे लगी थी
  • अतीक अहमद के बेटे असद पर यूपी पुलिस ने 5 लाख का इनाम भी रखा था
  • असद अपने पिता अतीक अहमद को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाने की कोशिश में लगा था

Atiq Ahmed Son Asad Encounter: उमेश पाल हत्याकांड में वांटेड अतीक अहमद का छोटा बेटा असद गुरुवार को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। इस एनकाउंटर के बाद से यूपी एसटीएफ की हर तरफ वाह-वाही हो रही है। सीएम योगी से लेकर कई मंत्री तक यूपी पुलिस की इस टीम को बधाई दे चुके हैं। इस एनकाउंट को लेकर हर कोई जानना चाह रहा है कि पुलिस ने इस ऑपरेशन को कैसे अंजाम दिया। इसका जवाब खुद यूपी लॉ एंड ऑर्डर के एडीजी प्रशांत कुमार ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके दिया है।

कैसे चला पता

यूपी पुलिस उमेशपाल हत्याकांड के बाद से ही अतीक के बेटे असद के पीछे लगी थी। असद साफ-साफ सीसीटीवी कैमरे में हत्या के समय कैद हुआ था। जिसके बाद पुलिस ने उसे पर ईनाम भी रखा था। इसी तलाश में यूपी पुलिस भटक रही थी। तभी खबर मिली कि झांसी में अतीक के काफिले पर हमला करके उसे पुलिस से छुड़ाने की कोशिश में कुछ लोग लगे हैं। यूपी एसटीएफ इस सूचना के बाद अलर्ट हो गई और झांसी में पूरी तरह से एक्टिव हो गई।

और जाल में फंसा असद

असद एक तरफ अपने बाप अतीक को छुडाने की प्लानिंग कर रहा था और पुलिस उसे पकड़ने के लिए जाल बिछा रही थी। गुरुवार को यूपी एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली की असद बाहर है, 12:30 मिनट पर पुलिस ने असद को इंटरसेप्ट कर लिया। झांसी के पारीछा डैम के पास दोनों छुपे थे। पुलिस की दो डिप्टी एसपी के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम को तैयार किया गया और असद को घेर लिया गया।

असद के साथ गुलाम भी फंसा

यहां असद अपने शार्प शूटर मोहम्मद गुलाम के साथ छिपा था। मोहम्मद गुलाम भी उमेशपाल हत्याकांड में शामिल था और उसे सिर पर भी पांच लाख का ईनाम था। जैसे ही असद को लगा कि पुलिस ने उसे घेर लिया तो वो बाइक से भाग निकला,पुलिस टीम भी उसके पीछे थी, पुलिस ने रूकने के लिए कहा लेकिन उन्होंने फायरिंग कर दी और फिर पुलिस की ओर से भी कार्रवाई हुई और असद मारा गया। इसके साथ ही मोहम्मद गुलाम को भी पुलिस ने ढेर कर दिया।

मिले अत्याधुनिक हथियार

प्रशांत कुमार ने एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान इस एनकाउंटर के बारे में जानकारी देते हुए कहा- "प्रयागराज में उमेश पाल हत्‍याकांड में वांछित असद और गुलाम पांच-पांच लाख रुपये के इनामी बदमाश थे। दोनों की झांसी में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई। मुठभेड़ में शामिल उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक नवेंदु और विमल ने किया। मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों के पास से अत्‍याधुनिक विदेशी हथियार बरामद किए गए हैं।"

किस मामले में थे वांटेड

दरअसल 2005 में बहुजन समाज पार्टी के विधायक राजू पाल की हत्या के मामले के मुख्य गवाह उमेश पाल और उसके दो सुरक्षा गार्ड की इस साल 24 फरवरी को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब जबरदस्त बमबारी हुई थी। इस हत्या से प्रयागराज में दहशत का महौल पैदा हो गया था। जिसके बाद उमेश पाल की पत्नी जया पाल की तहरीर पर 25 फरवरी को अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन, असद सहित दो बेटों, शूटर गुड्डू मुस्लिम, मोहम्मद गुलाम के साथ-साथ नौ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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