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Atiq Ahmed: प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल पहुंचा अतीक अहमद, कड़ी सुरक्षा के बीच हुई एंट्री-Video

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलEdited by: रवि वैश्य
  • Updated Mar 27, 2023, 08:35 PM IST

Atiq Ahmed in Naini Jail: उमेश पाल हत्याकांड में नामजद माफिया अतीक अहमद को कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार शाम नैनी केंद्रीय जेल लाया गया, सोमवार दोपहर से ही नैनी जेल में पुलिस बल की भारी तैनाती रही और मीडिया कर्मियों का जमावड़ा लगा रहा।

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अतीक अहमद को कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार शाम नैनी केंद्रीय जेल लाया गया

Atiq Ahmed Reached Prayagraj Naini Jail: नैनी जेल के मुख्य द्वार पर पुलिस बलों की तैनाती की गई और बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश रोक दिया गया। पुलिस के आला अधिकारी सुबह से ही इस पर मंत्रणा कर रहे थे कि नैनी जेल में अतीक अहमद (Atiq Ahmed) को किस बैरक में रखा जाए, प्रयागराज के पुलिस आयुक्त रमित शर्मा के मुताबिक 17 साल पुराने अपहरण के एक मामले में आरोपियों को 28 मार्च को अदालत में पेश किया जाना है। शर्मा के मुताबिक अदालत के आदेश के अनुक्रम में माफिया अतीक अहमद को प्रयागराज लाया गया है।

प्रयागराज पुलिस और विशेष कार्यबल (STF) की टीम रविवार शाम अतीक अहमद को गुजरात के साबरमती जेल से लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हुई थी। उल्लेखनीय है कि गत 24 फरवरी को राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उनके दो सुरक्षाकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

अतीक अहमद का भाई अशरफ बरेली जेल से नैनी केंद्रीय जेल पहुंचा

इस घटना के अगले दिन उमेश पाल की पत्नी की तहरीर पर अतीक अहमद, भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन और कई अन्य लोगों के खिलाफ धूमनगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। माफिया से नेता बने पूर्व सांसद अतीक अहमद के भाई एवं पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ को पुलिस की एक अलग टीम बरेली जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच लेकर प्रयागराज के नैनी केंद्रीय जेल पहुंची।

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में पुलिस की गाड़ी ने गाय को टक्कर मारी

माफिया से राजनेता बने अतीक अहमद को लेकर प्रयागराज ले जा रही उत्तर प्रदेश पुलिस के काफिले के एक वाहन ने सोमवार सुबह झांसी में प्रवेश करने से पहले मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक गाय को टक्कर मार दी। सुबह करीब छह बजकर 25 मिनट पर हुई इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि सड़क की ओर बढ़ती एक गाय को अहमद को ले जा रहा वाहन टक्कर मार देता है, जिससे गाय सड़क डिवाइडर के पास गिर जाती है। घटना के बाद आगे की यात्रा शुरू करने से पहले पुलिस का वाहन वहां कुछ देर रुका रहा।एक पुलिस अधिकारी ने इस घटना की पुष्टि की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गाय थोड़ी देर बाद उठकर चली गई।तेंदुआ थाना प्रभारी मनीष कुमार जादौन ने बताया कि गाय को टक्कर मारने वाले वाहन में अतीक अहमद सवार था।

अतीक अहमद ने जेल के बाहर कहा था, 'हत्या, हत्या'

इसके बाद अहमद को ले जा रही उत्तर प्रदेश पुलिस का काफिला झांसी जिले में प्रवेश से पहले सोमवार सुबह करीब सात बजे थोड़ी देर के लिए मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के खराई में रुका, ताकि अहमद शौच कर सके। जब सफेद पगड़ी पहने अहमद पुलिस वैन से नीचे उतरा तो पत्रकारों ने उससे पूछा कि क्या वह 'डर' रहा है तो उसने जवाब दिया 'काहे का डर।' इसके तुरंत बाद पुलिसकर्मी उसे पत्रकारों से दूर ले गए।गौरतलब है कि अहमदाबाद में साबरमती सेंट्रल जेल से रविवार शाम बाहर निकलने के बाद अहमद ने आशंका जताई थी कि उसकी हत्या की जा सकती है।सुरक्षाकर्मियों द्वारा पुलिस वाहन में ले जाने के दौरान अहमद ने जेल के बाहर संवाददाताओं से कहा था, 'हत्या, हत्या'

ताकि अतीक अहमद शौच कर सके

स्थानीय पुलिस अधिकारी मनीष कुमार जादौन ने कहा, 'काफिला शिवपुरी जिले के खराई में सुबह करीब सात बजे रुका, ताकि अहमद शौच कर सके।' एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि अहमद का काफिला शिवपुरी जिले में कुछ देर रुकने के बाद सुबह करीब नौ बजे उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में दाखिल हुआ।उत्तर प्रदेश पुलिस एक अदालती मामले को लेकर माफिया अतीक अहमद को गुजरात के अहमदाबाद में स्थित साबरमती केंद्रीय जेल से प्रयागराज ले जा रही है।

अतीक जून 2019 से साबरमती जेल में बंद

अहमद समाजवादी पार्टी का पूर्व सांसद है और जून 2019 से साबरमती जेल में बंद है। उत्तर प्रदेश में जेल में रहने के दौरान रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल के अपहरण और मारपीट के आरोप में उच्चतम न्यायालय ने उसे वहां स्थानांतरित कर दिया गया था।पुलिस ने कहा कि हालिया उमेश पाल हत्याकांड सहित 100 से अधिक आपराधिक मामलों में उसका नाम है।

'विकास दुबे की तरह अतीक अहमद की गाड़ी पलट जाए तो उन्हें हैरानी नहीं होगी'

भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुब्रत पाठक ने कहा था कि माफिया विकास दुबे की तरह अतीक अहमद की गाड़ी पलट जाए तो उन्हें हैरानी नहीं होगी। गौरतलब है कि दुबे को जुलाई 2020 में उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल द्वारा गोली मार दी गई थी। दुबे को मध्य प्रदेश के उज्जैन से कानपुर लाया जा रहा था तब एक राजमार्ग पर रहस्यमय परिस्थितियों में उसे ले लाने वाली एसयूवी पलट गई थी। पुलिस का दावा है कि उसने भागने की कोशिश की थी।

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