Ankita Case: 'मैं गरीब हूं तो क्या 10 हजार रुपये में बिक जाऊं', पढ़िए अंकिता की वो आखिरी चैट जिसने दिया हत्यारे का पता

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 25, 2022, 01:02 PM IST

Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता भंडारी मर्डर केस में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। अब जो खुलासा हुआ है वो हैरान करने वाला है।

Ankita Case: 'मैं गरीब हूं तो क्या 10 हजार रुपये में बिक जाऊं', पढ़िए अंकिता की वो आखिरी चैट जिसने दिया हत्यारे का पता

Ankita Bhandari last WhatsApp Chat: उत्तराखंड में 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडरी की हत्या के मामले में लगातार कई खुलासे हो रहे हैं। इस बीच अंकिता के परिजनों ने रविवार को कहा कि वे तब तक उसका अंतिम संस्कार नहीं करेंगे, जब तक पोस्टमॉर्टम की अंतिम रिपोर्ट नहीं आ जाती। इन सबके बीच अब अंकिता की अपने दोस्त के साथ हुई वॉट्सऐप पर हुई बातचीत सामने आई है जिसमें खुलासा हुआ है कि किस कदर अंकिता पर एक्स्ट्रा सर्विस देने का दबाव बनाया जा रहा था। अपने दोस्त को लिखी चैट में अंकिता कह रही है, 'मैं गरीब हूं तो 10 हजार रुपये में बिक जाऊं।'

मेहमान ने लगाया था जबरन गले

अंकिता और उसके दोस्त के बीच व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट सामने आए हैं जिसमें अंकिता कह रही है कि उसे पुलिकत आर्य (होटल मालिक) ने चूमने की कोशिश की थी। अंकिता ने अपने दोस्त को यह भी बताया कि नशे में धुत एक मेहमान ने उसे जबरदस्ती गले लगाया था, लेकिन तीन आरोपियों में से एक, आर्य के सहायक अंकित गुप्ता ने उसे इस बारे में चुप रहने के लिए बोला और कहा कि इस बात की चर्चा किसी से ना की जाए। 19 वर्षीय लड़की अंकिता भंडारी की कथित तौर पर हत्या के आरोप में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के बेटे सहित तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के एक दिन बाद पुलिस ने शनिवार सुबह चिल्ला बैराज से उसका शव बरामद किया।  

दिया था 10 हजार रुपये का लालच

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक एक चैट में अंकिता लिखती है, "आज अंकित मेरे पास आया और मुझसे कहा कि वह मुझसे कुछ बात करना चाहता है। मैं मान गई और अपने रिसेप्शन डेस्क के पास एक कोने में ले गया। वहां उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं एक ऐसे मेहमान को 'एक्स्ट्रा सर्विस' देने के लिए तैयार हूं जो 10,000 रुपये देने को तैयार है। मैंने उसे दो टूक कहा कि मैं गरीब हो सकती हूं, लेकिन मैं खुद को आपके रिसॉर्ट के लिए 10,000 रुपये में नहीं बेचूंगी। मेरे जवाब के बाद उसने सफाई देने की कोशिश करते हुए कहा कि अगर तुम्हारी पहचान में कोई लड़की हो तो बताना, क्योंकि गेस्ट 10 हजार रुपए दे रहा है। लेकिन मुझे पता है कि उसने दूसरी लड़की वाला इसलिए बोला तां मैं 10 हजार रुपये के लालच में आकर मान जाऊं।'

चाहते थे मैं वेश्या बन जाऊं- अंकिता

एक अन्य चैट में उसने अपने दोस्त को बताया कि पुलकित आर्य के निर्देश पर अंकित ने एक बार उससे कहा था कि 'अगर वह मेहमानों को विशेष सेवाएं देने के लिए सहमत नहीं होती है तो उसे नौकरी से निकाल दिया जा सकता है और दूसरी लड़की रखी जा सकती है।' उसने कहा: 'अगर अंकित इस तरह की बात फिर की तो तो मैं अब रिसॉर्ट में काम नहीं करूंगी। ये लोग चाहते हैं कि मैं वेश्या बन जाऊं।' अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी, जो 28 अगस्त को उनके ज्वाइनिंग की तारीख पर उनके साथ रिसॉर्ट में गए थे वह एक छोटे काश्तकार है।

वीरेंद्र सिंह कहते हैं, 'मेरी बेटी ने 12वीं कक्षा में 88% अंक हासिल किए, जिसके बाद वह होटल मैनेजमेंट करने के लिए देहरादून चली गई। उसने अपने परिवार को सपोर्ट करने के लिए नौकरी की तलाश की और 10,000 रुपये के वेतन पर रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट बन गई। वह नौकरी पाकर बहुत खुश थी और हम भी उसके माता-पिता के रूप में।' अंकिता की मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में काम करती हैं। उसका बड़ा भाई उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहा है। 

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