Chinese Manjha News: 'मौत के मांझे' के खिलाफ एक्शन में दिल्ली पुलिस, अब तक 22 लोग गिरफ्तार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 30, 2022, 03:15 PM IST

Chinese Manjha News: कुछ दिन पहले दिल्ली में एक व्यापारी की चाइनीज मांझे की चपेट में आने से जान चले गई थी। अब दिल्ली पुलिस ने चाइनीज मांझे के खिलाफ एक अभियान छेड़ दिया है।

Chinese Manjha News: 'मौत के मांझे' के खिलाफ एक्शन में दिल्ली पुलिस, अब तक 22 लोग गिरफ्तार

Chinese Manjha News: दिल्ली पुलिस ने इन दिनों चाइनजी मांझे के खिलाफ अभियान छेड़ा हुआ है। 25 जुलाई को चाइनीज मांझे की वजह से एक युवक का गला कट जाने के बाद दिल्ली पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। दिल्ली के अलग अलग जिलों में खतरनाक प्लास्टिक के मांझे के खिलाफ कार्यवाही जारी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम बनाई बाजारों में जाकर चीनी मांझे  के खिलाफ लगातार रेड कर रही है। बाहरी दिल्ली पुलिस के डीसीपी समीर शर्मा ने बताया की उनकी टीम ने अब तक 11 एफआईआर दर्ज की है, 11 लोगो को गिरफ्तार किया है और 59 अवैध चाइनीज मांझे के रोल बरामद किए है।

दक्षिणी दिल्ली

इस मौत के मांझे के खिलाफ दक्षिणी दिल्ली मे भी पुलिस एक्शन मे दिख रही है। दक्षिणी जिला पुलिस ने प्रतिबंधित मांझे के खिलाफ स्पेशल ड्राइव चला रही है और अभी तक 7 लोगो को गिरफ्तार किया है जिनके पास से 95 चाइनीज मांझे के रोल बरामद किए है।

उत्तर पश्चिम जिला

उत्तर पश्चिम जिला पुलिस ने भी एक बड़ी रेड कर एक गोदाम से 205 कार्टन में 11 हजार 760 रोल प्लास्टिक मांझे या चाइनीज मांझे को बरामद किया है। पुलिस ने यहां से अमरजीत नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। डीसीपी नॉर्ट वेस्ट उषा रंगनानी ने बताया कि अमरजीत इस मांझे का बड़ा व्यवपारी है और कोड वर्ड से इस मांझे को बेचता था और दुकानदारों को इस मांझे की सप्लाई शाम या रात के वक्त मे ही करता था। पुलिस की पूछताछ में अमरजीत ने बताया की उसने यह मान जा नोएडा के एक व्यापारी से खरीदा है जिसके पास करीब 400 कार्टन मान जा आया था जो उसने सूरत से मंगवाया था और एक गोदाम किराए पर लिया था जहां से ये मांझा दिल्ली में सप्लाई हो रहा था।

द्वारका जिला

बांका जिले में भी इस मामले में कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनके पास से 41 रोल प्रतिबंधित मांझा मिला है यह कार्रवाई द्वारका नॉर्थ और डाबरी थाना क्षेत्र में की गई है। ऑल दिल्ली फाइट एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिन गुप्ता का कहना है कि बाजार मे चीनी मांझे के नाम से बिकने वाला मांझा दरअसल प्लास्टिक की डोर है जिसका इस्तेमाल मोती पिरोना, मछली पकड़ने वाला धागा बनाना, जाल बनाने आदि मे होता है।

गलत इस्तेमाल

पतंगबाजी के मौसम में पतंग विक्रेता इसको पतंग के मांझे के रूप में भी बेचने लगते है। यह डोर इतनी मजबूत होती है आसानी से टूटती नही है और यही कारण है कि डोर बेहद खतरनाक हो जाती है लोगों के लिए जानलेवा बन जाती है। इसलिए 10 जनवरी 2017 को दिल्ली सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर इसके बेचने, बनाने, इसको जमा करके रखने सप्लाई करने और इम्पोर्ट पर भी बैन लगा दिया था। ये वो मांझा होता है जो नाइलोन, प्लास्टिक या किसी भी सिंथेटिक मैटेरियल से बना हो या फिर कभी कभी मांझे को मजबूत बनाने के लिए उस पर मैटेलिक पाउडर या फिर शीशे के पॉउडर लगाया जाता है। जो कि इंसानों और पक्षियों के लिए बेहद घातक होता है।

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