Yamuna Expressway Toll Hike: यमुना एक्सप्रेसवे पर जल्द ही सफर महंगा हो सकता है। एक्सप्रेसवे का संचालन और रखरखाव करने वाली कंपनी सुरक्षा समूह ने टोल दरों में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव शासन को भेजा है। कंपनी का कहना है कि जेपी इंफ्राटेक के साथ हुए समझौते के अनुसार टोल दरों में हर साल संशोधन होना चाहिए, लेकिन पिछले दो सालों से टोल टैक्स नहीं बढ़ाया गया है।
कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, यमुना एक्सप्रेसवे के रखरखाव और संचालन पर लगातार खर्च बढ़ रहा है। कंपनी का दावा है कि जेपी इंफ्राटेक के साथ हुए अनुबंध के मुताबिक होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के आधार पर हर साल टोल दरें बढ़ाई जानी चाहिए। ऐसा न होने से कंपनी को आर्थिक नुकसान हो रहा है, जिसका प्रभाव एक्सप्रेसवे के रखरखाव पर भी पड़ रहा है। इस कारण कंपनी ने शासन से टोल दर बढ़ाने की अनुमति मांगी है। सूत्रों के मुताबिक, शासन ने इस मामले में यमुना प्राधिकरण से भी रिपोर्ट मांगी है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर कितना बढ़ सकता है टोल टैक्स
जानकारी के अनुसार, WPI को आधार बनाकर नई दरें तय करने पर टोल में कम से कम 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। एक्सप्रेसवे के टोल टैक्स में बीते दो साल से बढ़ोत्तरी नहीं हुई है, ऐसे में इन दो सालों की गणना जोड़ने पर टोल दरों में इजाफा 7 से 8 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल दरें
यमुना एक्सप्रेसवे पर 2024 में टोल दरों को 12% तक बढ़ाया गया था। जिसका प्रभाव कार, बस, ट्रक समेत बड़े कॉमर्शियल वाहनों पर पड़ा था। अभी ग्रेटर नोएडा से आगरा तक निजी कार से सफर करने पर लगभग 485 रुपये टोल लगता है। अगर इसमें 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है तो कार चालकों को करीब 20 रुपये अधिक टोल टैक्स देना पड़ सकता है। इसका असर बस और ट्रक चालकों पर भी पड़ेगा। फिलहाल बस और ट्रक के लिए लगभग 1545 रुपये टोल देना पड़ता है। वहीं बाइक और ट्रैक्टर के लिए अभी लगभग 250 रुपये टोल है।
यमुना प्राधिकरण ने टोल दर बढ़ाने पर जताई आपत्ति
यमुना प्राधिकरण टोल दरों को बढ़ाने के खिलाफ है। प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह का कहना है कि आम जनता के लिए टोल की मौजूदा दरें ही जारी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यमुना एक्सप्रेसवे पर पहले की तुलना में अब काफी अधिक ट्रैफिक आ रहा है। बरेली-आगरा हाईवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, ग्वालियर एक्सप्रेसवे और कई शहरों की बेहतर कनेक्टिविटी के चलते इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों का दबाव बढ़ा है। ऐसे में कंपनी को अधिक ट्रैफिक का फायदा मिल रहा है, इसलिए टोल में बढ़ात्तरी न करके आम जनता को भी इसका लाभ देना चाहिए। प्राधिकरण इस संबंध में शासन को अपनी रिपोर्ट भेजेगा और जल्द ही कंपनी अधिकारियों के साथ बैठक भी की जाएगी।
