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CAA पर बंगाल में बड़ा ऐलान, 6 महीनों के भीतर नागरिकता आवेदनों का होगा समाधान! CM बोले-TMC का भ्रम टूटा

पश्चिम बंगाल में CAA के तहत नागरिकता के लंबित आवेदनों का छह महीने में निपटारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए यह जानकारी दी।

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लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (फोटो-@SuvenduWB)

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के क्रियान्वयन को लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बड़ा ऐलान किया है। न्यू टाउन में आयोजित एक प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में लंबित सभी नागरिकता आवेदनों का निपटारा अगले छह महीनों के भीतर कर दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में उत्तर 24 परगना जिले के मटुआ समुदाय के करीब 300 लोगों को नागरिकता प्रमाणपत्र सौंपे गए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि CAA का उद्देश्य लोगों को नागरिकता देना है, न कि किसी को वंचित करना। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो भी नागरिकता के लिए पात्र हैं, वे आगे आएं और आवेदन करें। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में और भी बड़ी संख्या में प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। राज्य के आंकड़ों का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि अब तक कुल 23,956 नागरिकता प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 5,966 प्रमाणपत्र नई भाजपा सरकार के गठन के बाद पिछले 11 हफ्तों में दिए गए हैं। राज्य में कुल 2,30,605 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें नादिया और उत्तर 24 परगना जिले सबसे आगे हैं।

केंद्रीय गृह सचिव के साथ हुई चर्चा

अधिकारी ने बताया कि आवेदनों के त्वरित निपटारे के लिए जिलाधिकारियों को कानूनी और प्रशासनिक शक्तियां सौंपने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, जैसा कि गुजरात और राजस्थान में पहले से लागू है। उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव के साथ हुई चर्चा का भी उल्लेख किया। पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी ने CAA को NRC के साथ जोड़कर भ्रम फैलाया और मुस्लिम समुदाय को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि गलत प्रचार के कारण लोगों को डराया गया कि नागरिकता लेने से उनकी नौकरी या सरकारी लाभ खत्म हो जाएंगे, जबकि हकीकत इसके उलट है।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि CAA के तहत नागरिकता पाने वाले पात्र लाभार्थियों को राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे किसी व्यक्ति पर दस्तावेजों से जुड़े मामलों में कोई कानूनी कार्यवाही चल रही है या वे जेल में हैं, तो उन्हें जमानत दिलाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा, नागरिकता मिलने के बाद लाभार्थियों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने और उन्हें समयबद्ध तरीके से अनुसूचित जाति (SC) प्रमाणपत्र दिलाने की प्रक्रिया भी सुगम बनाई जाएगी। पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं कि आवेदकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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