उत्तर 24 परगना जिले के हलीशहर में रविवार को उस समय भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला जब पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी के काफिले को उग्र विरोध का सामना करना पड़ा। पुलिस हिरासत में मारे गए TMC कार्यकर्ता बिरजू केवट के परिजनों से मिलने जा रहीं ममता बनर्जी की गाड़ी को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया, उनके खिलाफ "चोर-चोर" और "डाकू रानी" के नारे लगाए गए और गाड़ी पर कीचड़, चप्पलें तथा पत्थर फेंके गए।
'चोरी की है तो चोर सुनना ही पड़ेगा': मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की किसी भी भूमिका से इनकार किया और इसे आम जनता का आक्रोश करार दिया।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आपने इतनी चोरी की है कि अब आपको लोगों के मुंह से खुद के लिए 'चोर' सुनना ही पड़ेगा। अगर लोग आपकी गाड़ी पर कीचड़ फेंक रहे हैं, तो और क्या फेंकेंगे, फूल? पीड़ित परिवार पुलिस और प्रशासन की जांच से संतुष्ट था और उन्होंने किसी को नहीं बुलाया था, फिर भी जब परिवार दरवाजे बंद कर रहा है, तो आप जबरन घुसने की कोशिश कर रही हैं।
'अभया' की दूसरी पुण्यतिथि पर मां से क्यों नहीं मांगी माफी?
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर अस्पताल मामले की पीड़िता 'अभया' की दूसरी पुण्यतिथि का जिक्र करते हुए पूर्व सीएम पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि ममता बनर्जी आज अभया की मां रत्ना देबनाथ के घर क्यों नहीं गईं। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, कि आप आज अभया के घर जाकर अपने गले में गमछा डालकर उसकी मां से कह सकती थीं कि मुझसे गलती हुई है, मुझे माफ कर दो। मुझे विश्वास है कि वह आपको माफ कर देतीं। लेकिन आपने सबूत मिटाने की कोशिश की और परिवार को 10 लाख रुपये में खरीदने का प्रयास किया था।
