उज्जैन में दशहरा उत्सव के दौरान मौसम ने एक अप्रत्याशित मोड़ ले लिया। गुरुवार की शाम तेज आंधी के चलते दशहरा मैदान और कार्तिक मेला ग्राउंड में खड़ा रावण का विशाल पुतला अचानक धराशाई हो गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में रावण के निर्माण में लगे दो कारीगर को हल्की चोटें आईं।
दशहरा मैदान और कार्तिक मेला ग्राउंड में हजारों लोग रावण दहन का उत्सव देखने के लिए एकत्रित हुए थे, लेकिन अचानक आई तेज आंधी ने सबको चौंका दिया। थोड़ी ही देर में बारिश भी शुरू हो गई, जिससे उत्सव का माहौल पूरी तरह से बिगड़ गया।
हालांकि, उत्सव समिति ने इस घटना को सकारात्मक रूप से लिया। उनका कहना था कि "प्रकृति ने रावण को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया है। वह भले ही गिरा है, लेकिन अभी मरा नहीं हैं। हमने बुराई का अंत करने का संकल्प लिया है।"
बाद में, समिति ने रंगारंग आतिशबाजी के बीच गिरे हुए रावण के पुतले का दहन किया। यह घटना केवल दशहरा मैदान में ही नहीं, बल्कि कार्तिक मेला मैदान में भी हुई, जहां रावण का पुतला गिरने के बाद वहां भी दहन किया गया।
मौसम विभाग ने दो दिन पहले ही चेतावनी दी थी कि दशहरे पर आंधी और बारिश की संभावना है, लेकिन दिन भर आसमान साफ और धूप खिली रही। शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे दशहरा उत्सव में खासा खलल पड़ा। दशहरा मैदान उत्सव और कार्तिक मेला ग्राउंड में रावण दहन को देखने आए प्रत्येकदर्शियों ने बताया कि हमारे सामने ही रावण तीन हिस्सों में गिरा जिसका वीडियो भी लोगों ने गिरते हुए बनाया है सोशल मीडिया पर भी गिरते हुए रावण का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
