India Weather Report: देश के कई राज्यों में बीते कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इधर, भीषण गर्मी की मार झेल रहे एनसीआर को अब राहत की बारिश मिलती दिखाई दे रही है। आने वाले अगले 7 दिनों तक एनसीआर के लोगों के लिए मौसम सुहावना रहने वाला है। उधर, महाराष्ट्र के रायगढ़ में भारी बारिश के कारण स्टेट हाईवे पर लंबा जाम लग गया है। रायगढ़ जिले में पिछले पांच दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिससे यहां की नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। पाली-खोपोली राज्य राजमार्ग पर बाढ़ का पानी आ गया है। इसके कारण स्टेट हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई और लोगों को कई घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, हिमाचल में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने परेशानी बढ़ा दी है। आइये जानते हैं कहां क्या हालात हैं?
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के पुल पर भरा पानी
बता दें कि पाली अंबा नदी पर स्थित पुराने पुल पर भारी बारिश के बाद हर साल पानी भर जाता है। इस वजह से सरकार द्वारा नए पुल का निर्माण कराया गया। हालांकि, ये समस्या अभी भी बरकरार है। पाली अंबा नदी पुल मुंबई-गोवा, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे (Mumbai-Pune Expressway) को जोड़ता है। वहीं, पुणे में भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में पानी घुस गया है। सिंहगढ़ रोड इलाके की 25 सोसाइटियों में एक हजार से अधिक लोग पानी के कारण फंसे हुए हैं। बताया जा रहा है कि भारी बारिश के चलते 40 दोपहिया वाहन और पांच कारें भी बह गईं।
पुणे में रात भर हुई झमाझम बारिश से जिले के बड़े हिस्से बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। लोगों की मदद के लिए नावों को तैनात किया गया है। वहीं बारिश के कारण स्कूल बंद कर दिए गए हैं। शहर की अग्निशमन ब्रिगेड, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तथा अन्य एजेंसियां कई क्षेत्रों में पानी में फंसे लोगों को बचाने के लिए पहुंच गई हैं। गुरुवार सुबह लोग जब उठे तो उन्होंने खुद को 3-5 फीट गहरे पानी में फंसा पाया। टीमें नावों के माध्यम से फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं।
स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी
बचावकर्मियों ने अपने घरों या दुकानों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए नावों और रस्सियों का इस्तेमाल किया। जबकि कुछ घरों में पानी छत तक पहुंच गया है। एनडीआरएफ ने निंबज नगर, डेक्कन जिमखाना और सिंहगढ़ रोड इलाकों में बचाव अभियान शुरू किया है। ये इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। शहर में पिछले 24 घंटों में 200 मिमी से अधिक बारिश हुई है। इसके अलावा ठाणे जिला प्रशासन ने भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए गुरुवार को सभी स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा की गई है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Deputy CM Ajit Pawar) ने गुरुवार को पुणे में भारी बारिश से पैदा हुए हालातों को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन को अलर्ट रहने के लिए कहा। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में लोगों तक राहत पहुंचाने का भी निर्देश दिया। डिप्टी सीएम अजित पवार ने पुणे की स्थिति के बारे में कलेक्टर और आपदा निवारण प्राधिकरण के प्रमुख से जानकारी ली। उन्होंने पुणे में भारी बारिश से हुए नुकसान का भी आकलन किया। इसके अलावा उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया।
चमोली में भारी बारिश से तबाही
उधर, उत्तराखंड के चमोली में भारी बारिश तबाही मचा रही है। बारिश के कारण बदरीनाथ नेशनल हाईवे (Badrinath National Highway) पर भूस्खलन हुआ, जिसके चलते पागलनाला ओर गुलाब कोटी को बंद कर दिया गया है। फिलहाल प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है और रास्ते से मलबे को हटाने का काम जारी है। ज्ञात हो कि लगातार हो रही बारिश के चलते पहाड़ों पर भूस्खलन की समस्या बनी रहती है।
गुजरात में कई लोगों की मौत
गुजरात के साबरकांठा जिले में भारी बारिश के चलते एक बड़ा हादसा हो गया। भारी बारिश की वजह से कच्चे मकान की दीवार ढह जाने से मकान में सो रहे मां-बेटे की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि एक मां और उसका चार साल का बच्चा अपने कच्चे मकान में सो रहे थे। तभी रात में भारी बारिश की वजह से कच्चे मकान की दीवार उनके ऊपर गिर गई। जिससे दोनों दीवार के मलबे में दब गए। वहीं, सुबह आई एक रिपोर्ट में 8 अन्य लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी।
हिमाचल में बादल फटा
हिमाचल के सिरमौर जिले में भीषण भूस्खलन हुआ है। यह भूस्खलन नेशनल हाईवे 707 पर चिल्लन के पास हुआ है। इसके चलते यातायात बाधित हो गया है। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। पत्थर के टुकड़े गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बता दें कि पहाड़ दरकने के कारण यह हादसा हुआ है। इस कारण हाईवे पर मलबे का ढेर लग गया है। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन मलबा हटाने में जुटा है। राजमार्ग को बहाल होने में काफी समय लग सकता है। अधिकारियों ने लोगों से दूसरा रास्ता तलाशने को कहा है। भूस्खलन के कारण लोगों को इस रास्ते से दूर रहने की सलाह दी गई है। कुल्लू जिले में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-तीन के एक हिस्से को वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया। । राज्य में कुल 15 सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गईं, जिनमें मंडी में 12, किन्नौर में दो और कांगड़ा जिले की एक सड़क शामिल हैं।
(इनपुट-आईएनएस)
