उत्तर प्रदेश के वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर फर्जी टिकट बनाने को लेकर मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने फर्जी टिकट बनाने वाले एक युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी की पहचान आदर्श जायसवाल के तौर पर की है। अधिकारी ने बताया कि आदर्श मध्य प्रदेश के रीवा जिले का निवासी है। वह वाराणसी में फर्जी टीटीई बनकर यात्रियों से ठगी की वारदात को अंजाम देता है।
कैसे हुआ मामले का खुलासा
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब जीआरपी को एक ही PNR से कई टिकटों की शिकायत मिली। जांच के दौरान, आदर्श ने 17 जून को दो महिला यात्रियों को वाराणसी से बक्सर का टिकट दिया, लेकिन जब महिलाएं स्टेशन पर पहुंचीं, तो उन्हें वह कोच नहीं मिला। जीआरपी ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आदर्श को पकड़ लिया, जो टीटीई की यूनिफॉर्म में प्लेटफॉर्म पर नजर आ रहा था।
प्रेमिका के परिवार की मांग पर बना टीटीई और की ठगी
पूछताछ में आदर्श ने बताया कि उसने अपनी प्रेमिका से शादी करने के लिए फर्जी टीटीई बनने का निर्णय लिया था, क्योंकि उसके परिवार ने सरकारी नौकरी की मांग की थी। उसने मार्च 2025 में एक साइबर कैफे से फर्जी आईडी कार्ड बनवाया था। आदर्श ने यह भी बताया कि वह बिहार और आसपास के जिलों में भी टिकट बेचता था और फिर वाहन से फरार हो जाता था। जीआरपी इंस्पेक्टर रजोल नागर ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से स्टेशन पर एक फर्जी टीटीई की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद आदर्श की गिरफ्तारी हुई। इससे पहले भी वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर एक अन्य फर्जी टिकट बनाने वाले व्यक्ति को पकड़ा गया था।
