शहर

Vrindavan: बांकेबिहारी मंदिर में पहली बार जन्माष्टमी पर होगा मध्यरात्रि मंगला आरती का सीधा प्रसारण, केवल 600 श्रद्धालुओं को ही मिलेगा प्रवेश पास

Krishna Janmashtami Vrindavan 2026: जन्माष्टमी पर वृंदावन के प्रसिद्ध बांकेबिहारी मंदिर में वर्ष में एक बार होने वाली मध्यरात्रि मंगला आरती का पहली बार लाइव प्रसारण होगा।

Image

Vrindavan: बांकेबिहारी मंदिर में पहली बार जन्माष्टमी पर होगा मध्यरात्रि मंगला आरती का सीधा प्रसारण, केवल 600 श्रद्धालुओं को ही मिलेगा प्रवेश पास

Banke Bihari Mangala Aarti Live Telecast: जन्माष्टमी के अवसर पर वृन्दावन के बांकेबिहारी मंदिर में वर्ष में केवल एक बार मध्यरात्रि पश्चात होने वाली मंगला आरती का पहली बार सीधा प्रसारण किया जाएगा। इसके लिए मंदिर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती आम तौर पर सुबह दिन निकलने के बाद ही होती है। परंतु, जन्माष्टमी के अवसर पर मध्यरात्रि में महाभिषेक संपन्न होने के उपरांत रात में ही 1.45 बजे से दर्शन खोले जाने के 10 मिनट बाद 1.55 बजे मंगला आरती शुरू हो जाएगी।

मंगला आरती का विशेष महत्व

उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर बांकेबिहारी मंदिर के कुशल प्रबंधन के लिए गठित की गई उच्चाधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश अशोक कुमार ने कहा कि बांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मंगला आरती का आयोजन विशेष महत्व रखता है तथा यह आरती वर्ष में केवल एक बार होती है, इसलिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु रात से ही बड़ी संख्या में मंदिर के बाहर एकत्रित होने लग जाते हैं।

समिति के अध्यक्ष के अनुसार, ऐसे में व्यवस्था बनाए रखने के लिए केवल 600 श्रद्धालु ही मंदिर प्रांगण में दर्शन के लिए प्रवेश पा सकेंगे। इस मौके पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को प्रवेश मिल सकेगा, जिनके पास विशेष प्रवेश पास होंगे। यहां तक कि मंदिर के सेवायत गोस्वामी भी पास होने पर ही प्रवेश कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि अन्य सभी श्रद्धालुओं को भी दर्शन सुलभ कराने के लिए मंदिर प्रबंधन ने मंगला आरती का सीधा प्रसारण किए जाने की व्यवस्था की है, जिससे दुनिया भर में कहीं भी निवास करने वाले श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन कर पाएंगे।

कब से कब तक खुलेंगे कपाट?

कुमार ने कहा कि इसके बाद ठाकुरजी के विशेष दर्शन सुबह पांच से छह बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। बिहारी जी के अलावा वृन्दावन के इस्कॉन मंदिर, चंद्रोदय मंदिर, रंगजी मंदिर व प्रेम मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी जन्मोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ठा. राधारमण मंदिर, शाहजी मंदिर एवं ठा. राधा दामोदर आदि मंदिरों में चार सितंबर को अष्टमी तिथि पर दिन में ठाकुर जी का जन्माभिषेक संपन्न होगा।

गोकुल के पुजारी मथुरा दास ने बताया कि उनके यहां प्राचीन परंपरा के अनुसार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पूर्व तीन सितंबर को शाम सात बजे छठ पूजा की जाएगी और चार सितंबर को अन्य मंदिरों के समान रात में 12 बजे अभिषेक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अगले दिन सुबह 10 बजे से रास चबूतरा पर नन्दोत्सव मनाया जाएगा।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

और पढ़ें
End of Article