Varanasi News: डिजिटल इंडिया से प्रेरित होकर वाराणसी का गौरा गांव डिजिटल बन गया है। विशेषकर लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अब परेशानी नहीं उठानी पड़ रही है। यहां के लोगों को अब एक क्लिक पर डॉक्टरों का परामर्श मिल जाता है, जिससे उन्हें बीमारी से तत्काल राहत मिलती है। गांव की आबादी 2500 है। इसके लिए गांव में डिजिटल सेंटर बनाया गया है। यहां टेली कंसल्टेशन की सुविधा है। अब इसके माध्यम से लोगों को गांव से बाहर जाए बिना ही सामान्य बीमारियों में चिकित्सकीय सलाह एवं उपचार मिल जाता है।
दरअसल, गांव की एक महिला जनवरी से जून तक बीमारी से परेशान थीं। इन्हें जुलाई में गांव के ही डिजिटल सेंटर पर जाने के बाद राहत मिली। सेंटर पर संचालित हो रहे टेली कंसल्टेशन के जरिए रोग के विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह मिली। डिजिटल सेंटर को ऑपरेटर कर रहे अधिकारियों का कहना है कि वह ग्रामीणों को इंटरनेट चलाने की जानकारी दे रहे हैं। अब लोग इंटरनेट का इस्तेमाल सीख भी गए हैं।
लोगों को इस साइट पर करना पड़ता है लॉग इन
लोग अब सेंटर पर आकर लोग डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन फॉर्म भरने, सरकारी योजना के लिए आवेदन आदि कर रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य परामर्श लेने के लिए लोगों को डिजिटल विलेज की वेबसाइट www. digital-village.in/digital-health-services पर लॉग इन करना होता है। फिर उन्हें डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए संबंधित रोग के विशेषज्ञ के डॉक्टर को चुनना होता है। डॉक्टर की सलाह पर मरीजों को दवा लेनी होती है।
डॉक्टर की प्रिसक्रिप्शन स्लिप भी आ जाती है
डिजिटल सेंटर के माध्यम से डॉक्टर की सलाह लेने के बाद उनका प्रिसक्रिप्शन स्लिप भी सेंटर के डिजिटल अकाउंट में पहुंच जाती है। इसका प्रिंट आउट निकालकर गांव वालों को दे दिया जाता है। गांव के लोगों के लिए यह वरदान साबित हो रहा है। बीते दो महीनों में इस टेली कंसल्टेशन के माध्यम से 40 लोगों को सही समय पर चिकित्सकीय सलाह मिली है और उन्हें राहत मिली। इसके माध्यम से लोगों को एलोपैथी के अलावा आयुर्वेद और होम्योपैथी के विशेषज्ञों की भी सलाह मिल रही है। सेंटर से ग्रामीणों का मुफ्त दवाएं भी दी जा रहीं हैं।
