Varanasi News: काशी में हाल ही में धर्म और राजनीति को लेकर बढ़ते विवाद का असर गंगा आरती तक देखने को मिला। कानपुर से शुरू हुआ “आई लव मुहम्मद” विवाद अब गहराया है और इसका जवाब देने के लिए हिंदूवादी संगठन सक्रिय हो गए हैं। शनिवार की शाम अस्सी घाट पर आयोजित विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में श्रद्धालुओं ने अपने हाथों में “आई लव महादेव”, योगी आदित्यनाथ और बुलडोजर के पोस्टर उठाए।
हजारों की संख्या में आए भक्तों ने आस्था और भक्ति के बीच ये पोस्टर लिए हुए आरती का आनंद लिया, जिससे वहां एक अलग ही दृश्य सामने आया। श्रद्धालुओं ने पोस्टरों के माध्यम से उन कट्टरपंथियों को चुनौती दी, जो हजरत मोहम्मद के नाम पर देश में नफरत फैलाना चाहते हैं। लखनऊ से आई महिमा ने कहा कि कुछ लोग भारत को नेपाल जैसी स्थिति में देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है। वहीं नेपाल से आई अर्चना ने बताया कि वहां की सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त थी और हालात अलग थे।
सीएम योगी और यूपी पुलिस के समर्थन में पोस्टर
कार्यक्रम के आयोजक सुधीर सिंह ने स्पष्ट किया कि पोस्टर का उद्देश्य किसी को डराना नहीं बल्कि शांति और सद्भाव फैलाना है। लखनऊ के बाद काशी की सड़कों पर भी योगी आदित्यनाथ और यूपी पुलिस के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा ने कचहरी चौराहे के पास योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देते हुए पोस्टर लगाया। पोस्टर लगाने वाले इंद्र भूषण सिंह ने बताया कि बरेली में पुलिस द्वारा उन्मादी भीड़ को नियंत्रित करने का साहस सराहनीय है। इससे पहले लखनऊ की सड़कों पर भी योगी आदित्यनाथ के समर्थन में पोस्टर लगाए जा चुके हैं।
