वाराणसी के तीन रेलवे स्टेशनों का होगा विकास (फाइल फोटो)
Varanasi News: रेल मंत्रालय वाराणसी के तीन बड़े रेलवे स्टेशनों काशी, वाराणसी कैंट और बनारस के एकीकृत विकास की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। इस मास्टर प्लान के बाद इन स्टेशनों से ट्रेन संचालन क्षमता में लगभग 25% की बढ़ोतरी होगी।
फिलहाल इन तीन स्टेशनों से करीब 150 ट्रेनें चलती हैं। इस क्षमता को आने वाले समय में 400 से बढ़ाकर 500 ट्रेनों तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी को लेकर रविवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया और निर्माण, यात्री सुविधाओं और विस्तार की संभावनाओं की विस्तृत समीक्षा की। रेल मंत्री ने कहा कि वाराणसी रेलवे के लिए देश का बहुत महत्वपूर्ण हब है। तीनों स्टेशनों का संयुक्त विकास शहर की भीड़भाड़ कम करेगा और रेल नेटवर्क को और मजबूत बनाएगा।
स्टेशनों का जायजा लेने के बाद रेल मंत्री बनारस रेल इंजन फैक्ट्री (BARECA) भी पहुंचे। यहां उन्होंने लोको इंजनों के निर्माण से जुड़ी विभिन्न यूनिट्स, Loco Frame Shop, Loco Assembly Shop और Loco Test Shop का निरीक्षण किया और तकनीकी कार्यों की जानकारी ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, जिनमें बनारस–खजुराहो, लखनऊ–सहारनपुर, फिरोजपुर–दिल्ली और एर्नाकुलम–बेंगलुरु रूट शामिल हैं। इन ट्रेनों के शुरू होने से यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और पर्यटन व व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। इन नई सेवाओं के जुड़ने के बाद देश में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की कुल संख्या बढ़कर 164 हो गई है।