वाराणसी

नई दिल्ली समेत UP के इन रेलवे स्टेशनों पर बनेंगे स्थायी होल्डिंग एरिया, मिलेंगी ये सुविधाएं

इंडियन रेलवे ने नई दिल्ली और यूपी के वाराणसी, अयोध्या रेलवे स्टेशन पर स्थायी होल्डिंग एरिया बनाई जाएंगी। रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा टीम को स्थायी होल्डिंग एरिया डिजाइन करने का काम सौंपा गया।

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(सांकेतिक फोटो)

वाराणसी: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा (आरआईटीईएस) को नई दिल्ली, आनंद विहार, गाजियाबाद, वाराणसी और अयोध्या में स्थायी होल्डिंग एरिया डिजाइन करने का काम सौंपा गया है। दरअसल, रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा के अध्यक्ष राहुल मित्तल के साथ एक बैठक की, जिसमें रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा टीम को स्थायी होल्डिंग एरिया डिजाइन करने का काम सौंपा गया।

बताया जा रहा है कि स्थायी होल्डिंग एरिया डिजाइन का मॉडल तैयार होने के बाद इसे 60 हाई डेंसिटी वाले रेलवे स्टेशनों में इसका विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा, इन स्टेशनों पर सभी अनधिकृत प्रवेश बिंदुओं को बंद कर दिया जाएगा। ये होल्डिंग क्षेत्र अमृत स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यक्रम के साथ एकीकृत किए जाएंगे। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'अमृत भारत स्टेशन योजना' की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत स्टेशनों पर यात्रियों के लिए स्वच्छता, मुफ्त वाई-फाई, दिव्यांगजनों के लिए विशेष इंतजाम, स्थानीय उत्पादों के कियोस्क और पर्यावरण-अनुकूल जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

508 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास

पीएम मोदी ने साल 2023 में देश भर के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी थी। कुल 24,470 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित ये 508 स्टेशन 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश में 55, राजस्थान में 55, बिहार में 49, महाराष्ट्र में 44, पश्चिम बंगाल में 37, मध्य प्रदेश में 34, असम में 32, ओडिशा में 25, पंजाब में 22, गुजरात में 21, तेलंगाना में 21, झारखंड में 20, आंध्र प्रदेश में 18, तमिलनाडु में 18, हरियाणा में 15 और कर्नाटक में 13 स्टेशन शामिल हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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