वाराणसी

BHU Molestation Case: छात्र संगठनों के दो गुटों में झड़प, VC का पुतला फूंकने पर पुलिस बल का प्रयोग

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 5, 2023, 08:23 PM IST

वाराणसी स्थित बीएचयू में आईआईटी छात्रा के साथ छेड़खानी और परिसर में दीवार खड़ी करने को लेकर आंदोलित छात्रों के दो गुटों में झड़प हो गई। ABVP और आइसा ने एक दूसरे पर आरोप लगाए हैं।

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बीएचयू में छात्र संगठनों के दो गुटों में झड़प

Photo : ANI

वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के आईआईटी की छात्रा के साथ हुई छेड़खानी की घटना के बाद माहौल गर्माया हुआ है। छात्राओं की सुरक्षा और परिसर में दीवार खड़ी करने के विरोध में हो रहे आंदोलन के दौरान रविवार को विश्वविद्यालय के गेट पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और ऑल इंडिया स्टूडेंड एसोसिएशन और भगत सिंह छात्र मोर्चा (बीएसएम) के सदस्यों के बीच झड़प हो गई। लंका थाने के प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि आन्दोल के दौरान नारे लगाने और पुतला फूंकने को लेकर अभाविप और ऑल इंडिया स्टूडेंड एसोसिएशन (आइसा) के छात्रों के बीच झड़प हुई है। फिलहाल, पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग कर दोनों दलों के छात्रों को अलग कर दिया है।

ABVP और आइसा भिड़े

इस बीच अभाविप ने एक बयान जारी कर दावा किया कि आइसा और बीएसएम के गुंडों की ओर से किये गये हमले में अभाविप की कार्यकर्ता अदिति और मेघा घायल हो गईं। अभाविप ने दोनों छात्राओं की तस्वीर भी जारी की, जिसमें एक के पैर तथा एक के हाथ में प्लास्टर लगा दिख रहा है। छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आईआईटी और बीएचयू के बीच दीवार खड़ी किये जाने के फैसले का विरोध कर रहे हैं। इस सिलसिले में दो नवंबर को रजिस्ट्रार की ओर से छात्रों के नाम एक नोटिस जारी कर परिसर को बांटने की बात कही गई थी।

एक दूसरे पर लगाए आरोप

अभाविप के बीएचयू इकाई अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह ने कहा कि अभाविप काशी हिन्दू विश्वविद्यालय इकाई के कार्यकर्ता आईआईटी-बीएचयू प्रकरण में पीड़ित छात्रा को न्याय दिलाने तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के परिसर विभाजन नीति के खिलाफ अन्य छात्रों के साथ आंदोलनरत हैं। उन्होंने कहा कि अभाविप तथा अन्य छात्रों के आंदोलन से विश्वविद्यालय प्रशासन बैकफुट पर आता दिखाई पड़ रहा था। उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालय में अन्य छात्र भी आंदोलन कर रहे थे, जिसमें आज दोपहर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन तथा भगत सिंह छात्र मोर्चा के कुछ लोगों ने इस आंदोलन को दबाने का प्रयास किया। सिंह ने आरोप लगाया कि आइसा और बीएसएम के सदस्यों ने आज "हिंदुत्व" खिलाफ नारे लगाए तथा छात्रों द्वारा विरोध करने पर मारपीट की है। उन्होंने कहा, “मारपीट में कई छात्राएं भी घायल हुई जिनका हमने मेडिकल भी कराया है।

वहीं, भगत सिंह छात्र मोर्चा के सदस्य छात्र अनुपम ने दावा किया, “ हम छेड़खानी की शिकार छात्रा को न्याय दिलाने के लिए लगातार संघर्षरत हैं। आज जब हम सब छात्र विश्वविद्यालय के गेट पर घटना की जिम्मेदार सरकार और कुलपति का पुतला फूंकना चाह रहे थे, तब पुलिस ने हमसे पुतला छीन लिया। तभी वहां मौजूद अभाविप के छात्रों ने गाली गलौज के साथ ही मारपीट शुरू कर दी।”

आईआईटी की छात्रा से हुई थी छेड़खानी

आईआईटी की एक छात्रा ने लंका थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि बुधवार रात वह अपने आईआईटी छात्रावास से निकली थी और कुछ ही दूरी पर उसका एक दोस्त उसे मिल गया तथा दोनों कर्मन बाबा के मंदिर के पास पहुंचे, तभी एक बाइक पर सवार तीन लोगों ने उन्हें रोक लिया। पीड़िता ने बताया कि बदमाशों ने उसे उसके दोस्त से अलग कर दिया और फिर उसका मुंह दबा कर उसे कोने में ले गए और उसे निर्वस्त्र कर वीडियो बनाया और फोटो खींचे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बदमाशों ने करीब 15 मिनट तक उसे बंधक बनाए रखा और फिर वे उसका मोबाइल नम्बर लेकर भाग गये। इस मामले में लंका पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। (भाषा इनपुट)

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