आज के दौर में अगर किसी से पूछा जाए कि भारतीय रेलवे की सबसे अच्छी ट्रेन कौन सी है तो बिना संकोच के ज्यादातर लोग वंदे भारत का नाम लेंगे। निसंदेह वंदे भारत एक्सप्रेस भारतीय रेलवे की प्रमुख ट्रेन है। यह ट्रेन अपनी स्पीड, आरामदायक सुविधाओं और आधुनिक तकनीक के लिए यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय है। हालांकि, लोकप्रियता के साथ इसमें सफर करना महंगा भी है। वंदे भारत एक्सप्रेस का किराया शताब्दी और राजधानी जैसी देश की प्रीमियम ट्रेनों की तुलना में लगभग 33 फीसद ज्यादा होता है।
ज्यादा किराए के बावजूद, वंदे भारत एक्सप्रेस रेलवे के लिए एक फायदेमंद सौदा साबित हो रही है। देशभर में फिलहाल 114 वंदे भारत ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जिनमें पूर्वोत्तर राज्यों को छोड़कर लगभग सभी क्षेत्रों में वंदे भारत ट्रेन पहुंच चुकी है। इन ट्रेनों की मांग इतनी ज्यादा है कि कई रूटों पर ओक्यूपेंसी रेट 100 फीसद से भी ज्यादा है।
लेकिन आप यह जानकर हैरान हो सकते हैं कि सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ट्रेनों के मामले में वंदे भारत टॉप 3 में कहीं नहीं है। कमाई के मामले में बेंगलुरु राजधानी एक्सप्रेस टॉप पर है। ट्रेन नंबर 22692, जो हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) और बेंगलुरु (कर्नाटक) के बीच चलती है, भारतीय रेलवे के लिए सबसे ज्यादा राजस्व अर्जित करने वाली ट्रेन है। यह ट्रेन हर साल 5.09 लाख से ज्यादा यात्रियों को लेकर चलती है और सालाना 176 करोड़ रुपये की आमदनी करती है। खास बात यह है कि यह ट्रेन नई दिल्ली या पुरानी दिल्ली जैसे प्रमुख स्टेशनों से नहीं, बल्कि निजामुद्दीन स्टेशन से रवाना होती है।
दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्ग देश के सबसे व्यस्त मार्गों में से हैं, लेकिन कमाई के मामले में ये शीर्ष तीन में शामिल नहीं हैं। बेंगलुरु राजधानी एक्सप्रेस के बाद दूसरे स्थान पर सीलदह राजधानी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12314) है, जो नई दिल्ली और कोलकाता (सीलदह) के बीच चलती है। यह ट्रेन हर साल 509,164 यात्रियों को लेकर चलती है और 128.8 करोड़ रुपये की कमाई करती है।
तीसरे नंबर पर नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस है, जो 126.3 करोड़ रुपये की वार्षिक कमाई के साथ रेलवे की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ट्रेन है।
