वंदे भारत ट्रेन निसंदेह भारत की सबसे अच्छी और तेज ट्रेन है। यही कारण है कि इस ट्रेन की मांग हर कहीं हो रही है। जिन रूट पर भारतीय रेलवे इस ट्रेन को चला रही है, वहां भी यात्रियों को सीट नहीं मिल पा रही है। वेटिंग लिस्ट लंबी है और हर कोई वंदे भारत का सफर करना चाहता है। यही कारण है कि तमाम रूट पर वंदे भारत के कोच बढ़ाने पड़े हैं। ऐसा ही अब पुरी-राउरकेला रूट पर भी किया जा रहा है।
यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए भारतीय रेलवे ने पुरी-राउरकेला-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस (20836/20835) में कोचों की संख्या 100 फीसद तक बढ़ाने की घोषणा की है। 7 अगस्त से यह ट्रेन अब आठ की बजाय 16 कोचों के साथ चलेगी।
16 कोच की वंदे भारत में कुल 12 एसी चेयर कार, दो एक्जीक्यूटिव चेयर कार और आगे-पीछे दोनों तरफ दो क्रू कोच शामिल होंगे। यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने और क्षमता को दोगुना करने की दिशा में यह बदलाव एक बड़ा कदम है। इन नए कोच को जोड़ने से वेटिंग लिस्ट कम होगी और ओडिशा के प्रमुख शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित होगी।
ज्ञात हो कि इस ट्रेन को शुरुआत से ही यात्रियों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। ट्रेन संख्या 20836 (पुरी-राउरकेला) की वर्तमान ऑक्यूपेंसी दर 112.76 फीसद और 20835 (राउरकेला-पुरी) की 127.64 फीसद है, जो इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है।
पुरी और राउरकेला के बीच करीब 505 किलोमीटर की इस दूरी को यह ट्रेन लगभग 7.5 घंटे में तय करती है। यह ट्रेन सिर्फ मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलती है। रास्ते में यह ट्रेन भुवनेश्वर, कटक, ढेंकानाल, अंगुल, संबलपुर और झारसुगुड़ा सहित कुल नौ प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरती है।
पूर्वी तट रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, वंदे भारत ट्रेन के इस विस्तार से यात्रा और अधिक आरामदायक होगी और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। यह कदम न सिर्फ यात्रियों के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि ओडिशा की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में भी अपना योगदान देगा।
