Uttarakhand News: चार धाम में रीलबाजों पर सख्ती, मोबाइल लेकर नहीं कर सकेंगे दर्शन!
- Authored by: Pooja Kumari
- Updated Feb 2, 2026, 11:58 AM IST
Uttarakhand News: उत्तराखंड के चार धाम मंदिर में मोबाइल फोन के इस्तेमाल और रील्स बनाने पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है। मंदिर में सोशल मीडिया इनफ्लुएंसरों की बढ़ती भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
चारधाम में मोबाइल बैन की तैयारी (सांकेतिक फोटो | istock)
Uttarakhand News: उत्तराखंड के पवित्र चार धाम में इस साल सोशल मीडिया इनफ्लुएंसरों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है। जिसके तहत मंदिर परिसरों के आसपास मोबाइल फोन बैन करने के लिए परिधि तय की जा रही है। जिससे मंदिर में दर्शन से पहले मोबाइल फोन को जमा कराया जा सके। जिससे दर्शन के दौरान अनुशासन बना रहे और तीर्थयात्रियों को भी कोई परेशानी न हो।
इनफ्लुएंसर के कारण चार धाम में बढ़ती है भीड़
बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि चार धाम में बड़ी संख्या में सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर केवल रील बनाने के लिए मंदिर परिसर में पहुंच रहे हैं, जिसके कारण अत्यधिक भीड़ बढ़ जाती है और श्रद्धालुओं को दर्शन करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिसे ध्यान में रखते हुए समिति ने फैसला लिया है कि सभी श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन दर्शन के समय जमा कराए जाएंगे। इसके लिए मंदिर समिति द्वारा विशेष व्यवस्था की जा रही है।
मंदिर समिति और प्रशासन मिलकर बना रही योजना
हाल ही में रुद्रप्रयाग के डीएम प्रतीक जैन ने भी बताया था कि केदारनाथ धाम में मोबाइल पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में मंदिर समिति के साथ मिलकर एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में मोबाइल फोन चलाने और रील बनाने के कारण अन्य श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। इस कारण, आगामी यात्रा सीजन में नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा, उल्लंघन करने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
यात्रा सीजन से पहले नियमों को किया जाएगा लागू
बता दें कि इससे पहले भी केदारनाथ धाम परिसर में मोबाइल फोन के इस्तेमाल और रील्स बनाने पर रोक लगाने का प्रयास किया गया था, लेकिन यह पूरी तरह से सफल नहीं हो सका। जिसकी वजह से इस बार प्रशासन और मंदिर समिति पहले से तैयारी कर रही है, ताकि यात्रा सीजन के दौरान नियमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
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