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Uttarkashi Landslide: फिर धंसी जमीन, टूटी सड़कें, चारधाम यात्रा मार्ग पर बढ़ी समस्या

भूस्खलन की घटनाओं के चलते चारधाम यात्रा मार्ग एक बार फिर संकट में आ गया है। बारिश के बाद बढ़ी भूस्खलन की घटनाएं लगातार सुनाई दे रही हैं। उत्तरकाशी में पहाड़ों के दरकने से यमुनोत्री हाईवे टूट गया है, राज्य की कई सड़कें बंद है, इनमें चारधाम यात्रा का रास्ता भी शामिल है।

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भूस्खलन के बाद टूटी सड़क को पार करते लोग

Photo : Times Now Digital

Uttarakhand News: उत्तराखंड में मानसून का कहर दिखाई देने लगा है। कई सड़कों पर इसका असर पड़ा है। उत्तरकाशी जिले में भूस्खलन के चलते एक बार फिर सड़कें सरक गई हैं। पहाड़ों के दरकने से चारधाम यात्रा पर असर पड़ा है और बारिश अब भी जारी है।

गुरुवार को आई भारी बारिश से 100 से अधिक सड़कें बाधित हुई हैं। उत्तरकाशी के यमुनोत्री हाईवे (NH-134) पर बनास के पास भारी भू-धसाव की वजह से सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। वहीं, गंगोत्री हाईवे (NH-108) पर पापड़ गाड़ के पास भी भू-धसाव हुआ है, जिससे इस प्रमुख मार्ग पर भी आवागमन में भारी बाधा आ रही है।

कुछ दिनों पहले ही भूस्खलन और सड़क के कुछ हिस्सों के बह जाने के कारण यमुनोत्री हाईवे सिलाई बैंड और ओजारी के पास रास्ता बंद हो गया था। एक बार फिर ऐसी ही घटना हुई है। मलबे को हटाने और टूटी सड़कों को फिर बहाल करने के प्रयास तेजी से चल रहे हैं और वाहनों की आवाजाही के लिए जल्द से जल्द हाईवे को खोलने के लिए टीमें तैनात की गई हैं।

उत्तराखंड के ऋषिकेश में लगातार बारिश के चलते गंगा नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और सुरक्षित क्षेत्रों में ही रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके। BRO और PWD की टीमें सड़क सुधार कार्य में जुटी हुई हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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