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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में बनने से पहले ही गिरा सिग्नेचर ब्रिज

उत्तराखंड के पहले सिग्नेचर ब्रिज का एक बड़ा हिस्सा गुरुवार को गिर गया। यह सिग्नेचर ब्रिज पिछले तीन सालों से बन रहा है और इसपर पहले भी एक हादसा हो चुका है।

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उत्तराखंड का पहला सिग्नेचर ब्रिज गिरा (वायरल वीडियो स्क्रीनशॉट)

KEY HIGHLIGHTS
  • उत्तराखंड में बनने से पहले ही गिरा पुल
  • रुद्रप्रयाग में सिग्नेचर ब्रिज गिरा
  • बाल-बाल बचे काम करने वाले मजदूर

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में बन रहा सिग्नेचर ब्रिज बनने से पहले ही गिर गया है। इस घटना में हताहत को कोई नहीं हुआ, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी पुल गिरने के साथ ही सरकार का रुपया बर्बाद हो गया।

67 करोड़ की लागत से बन रहा है सिग्नेचर ब्रिज

मिली जानकारी के अनुसार बद्रीनाथ राजमार्ग पर नरकोटा में 67 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे उत्तराखंड के पहले सिग्नेचर ब्रिज का एक बड़ा हिस्सा गुरुवार (18 जुलाई) को ढह गया। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना शाम करीब 5 बजे हुई, जब रुद्रप्रयाग की ओर जाने वाले पुल का टावर अत्यधिक वजन के कारण ढह गया, जिससे फ्रेम को भी काफी नुकसान पहुंचा।

अधिकारी ने क्या कहा

राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता तनुज कांबोज ने बताया कि निर्माणाधीन पुल के फ्रेम का एक हिस्सा ढह गया है। कांबोज ने कहा कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पुल का निर्माण एक निजी कंपनी कर रही है । उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन पुल का यह फ्रेम लोहे‌ के एंगलों को जोड़ कर बनाया जा रहा था कि तभी शुक्रवार शाम चार बजे के आसपास इस फ्रेम का एक हिस्सा नीचे गिरा गया।

आपदा टीम मौके पर पहुंची

रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि पुल के एक हिस्से के ढहने की सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आरसीसी कंपनी के परियोजना प्रबंधक रूपेश मिश्रा से जानकारी हासिल की।

पहले भी हो चुका है हादसा

दो साल पहले भी पुल की बुनियाद तैयार करते समय सरिया गिर गई थी। यह पुल पिछले तीन सालों से बन रहा है। इसका निर्माण रुद्रप्रयाग में बद्रीनाथ राजमार्ग पर नरकोटा में किया जा रहा था।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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