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Pratapgarh: वकील की मौत के बाद बवाल, शव सड़क पर रखकर रास्ता जाम करने का मामले में परिजनों समेत 150 लोगों पर FIR दर्ज

Pratapgarh: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में मारपीट में घायल वकील आशिक अली की मौत के बाद शव सड़क पर रखकर रास्ता जाम करने के आरोप में मृतक के परिजनों और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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परिजनों ने लगाया जाम, मुकदमा दर्ज (सांकेतिक चित्र)

Photo : iStock

Pratapgarh News: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ दो गुटों के बीच हुई मारपीट में घायल वकील की इलाज के दौरान मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मृतक वकील के परिजनों और ग्रामीणों द्वारा न्याय की मांग को लेकर शव को सड़क पर रखकर रास्ता जाम करने के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने यातायात बाधित करने और लोक शांति भंग करने के आरोप में मृतक के परिजनों सहित 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

क्या था पूरा मामला?

पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह विवाद 27 अक्टूबर को शुरू हुआ था। कोतवाली पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बड़ई गांव के दरजियां टोले में 27 अक्टूबर को दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस मारपीट में स्थानीय वकील आशिक अली गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए AIIMS रायबरेली में भर्ती कराया गया था, जहां 30 अक्टूबर को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। जब पोस्टमार्टम के बाद वकील आशिक अली का शव उनके गांव पहुंचा, तो न्याय की मांग कर रहे परिजनों और स्थानीय लोगों ने शव को सड़क पर रख दिया और मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। इससे काफी देर तक यातायात ठप रहा।

भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक रास्ता जाम होने और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होने पर पुलिस प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई शुरू की। कोतवाली थाने के सब-इंस्पेक्टर राजकुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मृतक आशिक अली के परिजनों और करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126 (गलत तरीके से रोकना), धारा 189 (गैरकानूनी सभा का सदस्य होना) और धारा 270 (सार्वजनिक उपद्रव) के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और सड़क अवरुद्ध करने वाले उपद्रवियों की पहचान के प्रयास जारी हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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