दिल्ली मेट्रो 3 नबंवर यानी मंगलवार से सप्ताह के दिनों में 20 अतिरिक्त ट्रिप चलाएगी, जिससे कुल अतिरिक्त सेवाओं की संख्या 40 हो जाएगी। अधिकारियों का मकसद यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना है। राजधानी में वायु प्रदूषण के बिगड़ने के कारण, दिल्ली मेट्रो मंगलवार से सप्ताह के दिनों में 20 और ट्रिप जोड़ेगी, जिससे इसके पूरे नेटवर्क पर अतिरिक्त सेवाओं की कुल संख्या 40 हो जाएगी।
यह कदम तब उठाया गया है जब 'कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट' (CAQM) ने सोमवार को दिल्ली-NCR में 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' (GRAP) का दूसरा चरण (Stage II) लागू कर दिया, क्योंकि शहर की वायु गुणवत्ता गिरकर 'बहुत खराब' (very poor) श्रेणी में पहुंच गई है।
'लोग अपने निजी वाहनों को घर पर ही छोड़ दें'
मेट्रो सेवाओं में यह बढ़ोतरी इसलिए की गई है ताकि यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन एक सुविधाजनक विकल्प बन सके और लोग अपने निजी वाहनों को घर पर ही छोड़ दें। सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या कम होने से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन (emissions) को कम करने में मदद मिल सकती है, जो दिल्ली में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण है।
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प्रदूषण नियंत्रण उपायों के तहत दिल्ली मेट्रो पहले ही अपनी सेवाएं बढ़ा चुकी है। इस नई बढ़ोतरी के साथ, यात्रियों को सप्ताह के दिनों में और अधिक ट्रेन ट्रिप मिलेंगी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अधिकारी राजधानी में प्रदूषण को सीमित करने के लिए अपने प्रयासों को तेज कर रहे हैं।
दिल्ली में GRAP के दूसरे चरण (Stage II) का मतलब?
GRAP उपायों का एक ऐसा सेट है जिसे दिल्ली-NCR में तब लागू किया जाता है जब वायु गुणवत्ता खराब हो जाती है। जब 'एयर क्वालिटी इंडेक्स' (AQI) 301-400 के बीच यानी 'बहुत खराब' (very poor) श्रेणी में पहुंच जाता है, तो दूसरा चरण (Stage II) लागू हो जाता है। इस चरण के तहत उठाए जाने वाले कदमों का मकसद प्रदूषण के स्तर को और अधिक बिगड़ने से रोकना है। GRAP ढांचे के तहत, अधिकारियों को कई उपायों को और सख्ती से लागू करना होता है। इनमें डीजल जनरेटर सेटों के इस्तेमाल पर कड़े नियम, सड़कों की मशीनों से सफाई बढ़ाना और धूल को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव करना शामिल है। होटलों, रेस्तरां और खुले भोजनालयों में तंदूर के लिए कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर भी रोक है; इन जगहों को बिजली, गैस या अन्य स्वीकृत स्वच्छ ईंधन का उपयोग करना होगा।
अधिकारी पार्किंग शुल्क भी बढ़ा सकते हैं
अधिकारी निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क भी बढ़ा सकते हैं। दूसरे चरण (Stage II) के तहत, सरकारी कार्यालय और नगर निकाय अपने काम के घंटों (working hours) में भी बदलाव कर सकते हैं।
ये पाबंदियां क्यों लगाई जा रही हैं?
सर्दियों के महीनों में दिल्ली की हवा की गुणवत्ता आमतौर पर खराब हो जाती है, क्योंकि मौसम की स्थिति प्रदूषकों के फैलने के लिए अनुकूल नहीं रहती। हवा की धीमी गति और मौसम की अन्य स्थितियों के कारण प्रदूषक जमीन के करीब ही जमा हो जाते हैं, जिससे लोगों द्वारा ली जाने वाली हवा और भी खराब हो जाती है। संशोधित GRAP (ग्रैप) फ्रेमवर्क को इस तरह से तैयार किया गया है कि हवा की गुणवत्ता खराब होने पर, प्रदूषण के सबसे खतरनाक स्तर तक पहुंचने का इंतजार किए बिना, अलग-अलग चरणों में कदम उठाए जा सकें। CAQM का कहना है कि यह एक गतिशील प्रणाली है, जो अधिकारियों को मौजूदा और अनुमानित हवा की गुणवत्ता के आधार पर बचाव और प्रतिबंधात्मक उपाय करने की अनुमति देती है।
