Cyclone Murasu Update: प्रचंड चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने मंगलवार तड़के आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय इलाकों में दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात के अग्रिम हिस्से का 'वॉल क्लाउड' जमीनी हिस्से में प्रवेश कर चुका है और तूफान का मध्य भाग यानी उसकी 'आंख' आंध्र प्रदेश के तट को छू रही है। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ते हुए इस चक्रवात के ओंगोल के निकट कोथापट्टनम, नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट को पार करने की प्रक्रिया लगातार जारी है। इस दौरान तटीय क्षेत्रों में 100 से 110 किमी प्रति घंटा और झोंकों के साथ 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल रही हैं।
डॉपलर रडार से रखी जा रही है 24 घंटे पैनी नजर
मौसम विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर ताजा अपडेट देते हुए बताया कि चक्रवात की गति और तीव्रता का पल-पल का हिसाब रखा जा रहा है। चेन्नई और मछलीपट्टनम में स्थित डॉपलर वेदर रडार (Doppler Weather Radars) की मदद से चक्रवात 'मुरासु' की लैंडफॉल प्रक्रिया पर लगातार 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। तटीय इलाकों में चक्रवात के असर से मध्यम से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा रही है। नेल्लोर में हल्की से मध्यम बूंदाबांदी जारी है, जबकि ओंगोल और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हो रही है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का सख्त निर्देश
चक्रवात के मंडराते खतरे के बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक और टेलीकॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रभावित जिलों की तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर रहने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि तूफान के कारण किसी भी नागरिक की जान न जाए। सीएम ने सख्त हिदायत दी कि जब तक चक्रवात पूरी तरह तट को पार नहीं कर लेता, तब तक प्रभावित इलाकों के लोग किसी भी हाल में अपने घरों से बाहर न निकलें। हाल ही में आए चक्रवात 'अर्नब' के दौरान हुए जान-माल के नुकसान का जिक्र करते हुए सीएम नायडू ने कहा कि सावधानी बरतने के बावजूद अर्नब के दौरान जो जिंदगियां गईं, वैसी घटना मुरासु के दौरान किसी भी कीमत पर दोबारा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने 'स्वर्ण ग्राम' और 'स्वर्ण वार्ड' कार्यालयों के कर्मचारियों को निर्देश दिए कि तूफान से जुड़ी पल-पल की चेतावनियां और जानकारियां गांव और वार्ड स्तर तक आम जनता तक पहुंचाई जाएं।
बिजली, सिंचाई और संपत्ति की सुरक्षा के लिए विशेष टीमें तैनात
प्रशासन ने बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। हालांकि मुरासु के दौरान हवा की गति अर्नब की तुलना में कुछ कम रहने का अनुमान है, फिर भी बिजली विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। यदि खंभे गिरते हैं या लाइनें क्षतिग्रस्त होती हैं, तो तुरंत बिजली बहाल की जाएगी। सिंचाई विभाग को नहरों और तटीय बांधों में किसी भी प्रकार का कटाव या दरार रोकने के लिए सतर्क रहने को कहा गया है। NDRF और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को तटीय गांवों और निचले इलाकों में तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत रेस्क्यू किया जा सके। मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के रायलसीमा व तेलंगाना के जिलों में अगले 24 घंटों के लिए सतर्कता बनाए रखने की चेतावनी जारी की है।
