शहर

UP IPS Transfer List : यूपी में 9 सीनियर आईपीएस इधर से उधर, IG, DG, ADG रैंक के ऑफिसर्स का ट्रांसफर; देखें पूरी लिस्ट

UP Police IPS Transfer List : उत्तर प्रदेश में जय नरायन सिंह-ध्रुव कान्त ठाकुर समेत 9 आईपीएस अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। इस प्रशासनिक फेरबदल में महानिदेशक (DG) और अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) स्तर के कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

Image

यूपी में आईपीएस अधिकारियों का हुआ तबादला

Photo : iStock

UP Police IPS Transfer List : उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को एक बार फिर पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। डीजी, एडीजी और आईजी स्तर के कुल 9 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इस सूची में चार डीजी, चार एडीजी और एक आईजी रैंक के अधिकारी शामिल हैं। फिलहाल, जय नारायण सिंह को पुलिस महानिदेशक (डीजी) ईओडब्ल्यू, लखनऊ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं ध्रुव कांत ठाकुर को पुलिस महानिदेशक होमगार्ड के साथ-साथ नागरिक सुरक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया सौंपा गया है।

वहीं, बिनोद कुमार सिंह को डीजी सीआईडी लखनऊ के साथ डीजी साइबर क्राइम और यूपी-112 की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली है। आलोक सिंह को डीजी पीएसी मुख्यालय लखनऊ बनाया गया है और उनके पास विशेष सुरक्षा बल का अतिरिक्त चार्ज भी रहेगा।

इसके अलावा एडीजी आगरा जोन रहीं अनुपम कुलश्रेष्ठ को अब एडीजी कानपुर नियुक्त किया गया है। एडीजी ए. सतीश गणेश को ट्रैफिक एवं सड़क सुरक्षा निदेशालय लखनऊ के साथ अपराध शाखा की जिम्मेदारी दी गई है। आरके स्वर्णकार को एडीजी पीएसी से हटाकर एडीजी यूपी पावर कॉरपोरेशन लखनऊ बनाया गया है। वहीं एसके भगत को एडीजी अपराध लखनऊ से आगरा जोन का नया एडीजी नियुक्त किया गया है।

आईजी स्तर पर भी बदलाव किया गया है। आईजी अभियोजन गीता सिंह को पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण निदेशालय लखनऊ भेजा गया है। इस बड़े फेरबदल के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और जल्द ही अन्य विभागों में भी तबादलों की संभावना जताई जा रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article