यूपी में आज का मौसम (18 Apr 2026): उत्तर प्रदेश में राज्य का एक हिस्सा आंधी और बारिश से राहत की सांस ले रहा है, वहीं दूसरा हिस्सा भीषण गर्मी और लू की तपिश में झुलस रहा है। कुदरत के इस दोहरे मिजाज ने कहीं लोगों के चेहरे खिला दिए हैं, तो कहीं दोपहर का कर्फ्यू जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आई यह राहत महज एक अस्थायी पड़ाव है और जल्द ही सूरज के तेवर और कड़े होने वाले हैं।
पश्चिमी यूपी में 'आसमानी' राहत का दौर (Noida Ghaziabad Meerut Weather)
शुक्रवार की शाम पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए किसी वरदान से कम नहीं रही। दिल्ली-NCR से सटे नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ जैसे इलाकों में दोपहर तक चिलचिलाती धूप ने लोगों को बेहाल कर रखा था, लेकिन शाम होते ही अचानक काली घटाएं छा गईं। 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी और झमाझम बारिश ने पूरे वातावरण को ठंडा कर दिया। मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बिजनौर में तो इस बदलाव का असर इतना रहा कि तापमान में 5 से 7 डिग्री तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, मुजफ्फरनगर में तेज हवाओं के चलते कुछ जगहों पर पेड़ और खंभे भी गिरे, लेकिन भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिल गई।
आखिर क्यों बदला मौसम का मिजाज (IMD UP Weather Update)
इस अचानक आए बदलाव के पीछे वैज्ञानिक वजहें काफी दिलचस्प हैं। मौसम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में एक शक्तिशाली ‘पश्चिमी विक्षोभ’ सक्रिय हुआ है, जो वायुमंडल के ऊपरी स्तरों पर अपना प्रभाव दिखा रहा है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश तक एक ‘ट्रफ लाइन’ बनी हुई है, जिसे भरपूर नमी मिल रही है। इसी मौसमी तंत्र के मेल ने पश्चिमी यूपी में बारिश और गरज-चमक की स्थिति पैदा की। हालांकि, वैज्ञानिकों ने यह चेतावनी भी दी है कि यह एक 'ट्रांजिएंट स्पेल' यानी अस्थायी दौर है, जो शनिवार से ही कमजोर पड़ना शुरू हो जाएगा और इसके बाद फिर से शुष्क हवाओं का दौर लौटेगा।
लखनऊ में उमस और पूर्वांचल में 'आग' बरसाता आसमान (Lucknow Weather Today)
पश्चिमी जिलों के विपरीत, राजधानी लखनऊ और कानपुर समेत मध्य यूपी में बादलों की आवाजाही ने राहत के बजाय आफत बढ़ा दी है। यहां बारिश न होने और हवा में नमी बढ़ने की वजह से चिपचिपी गर्मी और उमस ने लोगों का पसीना छुड़ा दिया। शुक्रवार को यहां का पारा 40 डिग्री के आसपास रहा, लेकिन उमस के कारण यह कहीं ज्यादा महसूस हुआ। वहीं, अगर पूर्वांचल की बात करें तो वाराणसी, प्रयागराज और बांदा जैसे जिलों में हालात बेहद गंभीर हैं। बांदा में पारा 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक है। इन इलाकों में फिलहाल राहत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है और लू का कहर लगातार जारी है।
18 अप्रैल और आने वाले दिनों का पूर्वानुमान (UP Weather Today)
मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि 18 अप्रैल यानी शनिवार से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम फिर से शुष्क हो जाएगा। आसमान साफ होते ही तेज धूप निकलेगी और तापमान में एक बार फिर 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी देखी जाएगी। आने वाले 5 से 7 दिनों में प्रदेश के कई जिलों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार जाने का अनुमान है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी का असली दौर अब शुरू होने वाला है, जिसमें लू और तेज गर्म हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ाएंगी।
लू से कैसे बचें (How to avoid Heat Stroke in Hindi)
भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि शरीर में पानी की कमी न होने दें, इसलिए प्यास न लगने पर भी समय-समय पर पानी, ओआरएस (ORS), नींबू पानी, छाछ या नारियल पानी पीते रहें। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है, बाहर निकलने से बचें और यदि निकलना जरूरी हो, तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, सिर को ढंककर रखें, धूप का चश्मा और छाते का प्रयोग करें। खाली पेट घर से बाहर न निकलें और तरबूज, ककड़ी व खीरे जैसे मौसमी फलों का सेवन करें। यदि चक्कर आना, तेज सिरदर्द या बहुत अधिक थकान महसूस हो, तो तुरंत ठंडी जगह पर आराम करें और स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
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