उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली की रिकॉर्ड मांग दर्ज की जा रही है। इस बीच बिजली संकट और कटौती की खबरों को लेकर सियासत भी गरमा गई है। यूपी सरकार में ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने राज्य में बिजली व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि प्रदेश में बिजली संकट जैसी कोई स्थिति नहीं है और कुछ लोग जानबूझकर राज्य की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री के मुताबिक सरकार बढ़ती मांग के बावजूद गांवों से लेकर शहरों तक लगातार बिजली सप्लाई बनाए रखने में जुटी हुई है।
यूपी में 30 हजार MW पार पहुंची बिजली डिमांड
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि यूपी में शनिवार रात बिजली की पीक डिमांड 30,395 मेगावाट दर्ज की गई। इसके बावजूद पूरे प्रदेश में बिजली की आपूर्ति लगातार बनाए रखी गई। उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ कुछ गांवों तक बिजली सप्लाई पहुंचती थी, लेकिन अब हर गांव और हर गली तक तय रोस्टर के हिसाब से 18 से 24 घंटे बिजली दी जा रही है। मंत्री ने कहा कि यूपी के 75 जिलों की करीब 58 हजार ग्राम पंचायतों और लगभग 3 लाख गांवों व मजरों में बिजली आपूर्ति हो रही है। इसके अलावा 762 नगरीय निकायों में भी नियमित बिजली सप्लाई जा रही है, जिनमें 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका और 545 नगर पंचायतें शामिल हैं।
यूपी में बिजली संकट की खबरों पर ऊर्जा मंत्री ने दी सफाई
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में तकनीकी खराबी, मौसम या स्थानीय कारणों से कुछ समय के लिए बिजली सप्लाई प्रभावित हुई थी, लेकिन इन समस्याओं को जल्दी ठीक कर लिया गया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह “ध्वस्त” बताना राज्य और बिजली कर्मचारियों का अपमान है। ए.के. शर्मा ने बताया कि वे लगातार जनप्रतिनिधियों के संपर्क में रहते हैं और उनसे बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी लेते हैं। हाल ही में कुछ विधायकों और एमएलसी ने बिजली आपूर्ति को लेकर अपने सुझाव दिए हैं, जिन पर काम किया जा रहा है।
मंत्री ने जनता से अपील करते हुए कहा कि भीषण गर्मी के बीच प्रदेश में बिजली की मांग काफी बढ़ गई है, ऐसे में लोगों को संयम बनाए रखना चाहिए। सरकार और बिजली विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं जिससे लोगों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सके।
