UP CM Janta Darbar in Gorakhpur: गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन में आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उनके त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टि परक समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि जन समस्याओं का समाधान शीघ्रता से किया जाए, इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जनता की हर समस्या का निराकरण सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।
जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में बैठाए गए लोगों तक सीएम योगी खुद पहुंचे और एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 400 लोगों से मुलाकात की। उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। जिन्हें सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ किन्हीं कारणों से नहीं मिल पाया है, उन्हें इसके दायरे में लाया जाएगा।
जनता दर्शन में मुस्लिम समाज की भी कई महिलाएं पहुंची
जनता दर्शन में मुस्लिम समाज की भी कई महिलाएं पहुंची थीं। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण का निर्देश देने के साथ मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी हिदायत दी कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाए।
'सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी'
हर बार की तरह इस बार भी मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए।
'किसी ने ऐसा दुस्साहस किया तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए'
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी यह ध्यान दें कि कोई भी गरीबों की जमीन, संपत्ति पर कब्जा न करने पाए। किसी ने ऐसा दुस्साहस किया तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिन जरूरतमंदों को अभी पक्का मकान नहीं मिल पाया है, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के दायरे में लाकर पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
