CM Yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में समाजवादी पार्टी व विपक्षी सदस्यों को जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने सपा विधायकों के अभद्रतापूर्ण आचरण पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी व विपक्ष का आचरण असंवैधानिक और शर्मनाक है। विपक्ष सदन की कार्यवाही को प्रभावित कर 25 करोड़ जनता के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहा है, जिसे सभी प्रदेशवासी देख रहे हैं।
संसदीय लोकतंत्र को पुष्ट करने वाली संस्थाओं का अपमान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून सत्र में सभी सदस्यों के पास बेहतरीन अवसर था कि वे 25 करोड़ जनता की भावनाओं और हितों को ध्यान में रखकर सदन में उनसे जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा-परिचर्चा करें। लेकिन, जिन लोगों का लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं है, वे लोग संसदीय लोकतंत्र को पुष्ट करने वाली सभी संस्थाओं की अवमानना व अपमान करते हैं। समाजवादी पार्टी व विपक्ष का यह आचरण न केवल असंवैधानिक, बल्कि शर्मनाक भी है।
सदन का बहुमूल्य समय नष्ट कर रहा विपक्ष
मुख्यमंत्री ने कहा कि दलीय नेताओं की बैठक व बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के तहत पहले ही सदन का एजेंडा तय किया गया था, लेकिन विपक्षी दलों के सदस्यों ने उसके तहत सदन में विधायी कार्य या अनुपूरक बजट से जुड़े एक भी प्रस्ताव पर रुचि नहीं ली। इसके विपरीत ये लोग अनावश्यक मुद्दों को उठाकर सदन का बहुमूल्य समय नष्ट करना चाहते हैं।
विपक्ष का संवैधानिक मूल्यों व सदन की परंपराओं पर विश्वास नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन प्रारंभ होने से पहले ही दलीय नेताओं की बैठक में सत्ता पक्ष की ओर से मैंने व संसदीय कार्य मंत्री ने आश्वस्त किया था कि नियम के अंतर्गत सदन में जो भी प्रस्ताव आएंगे, उन पर चर्चा होगी और सरकार उसका जवाब भी देगी। लेकिन, सपा व विपक्षी दलों का सदन में चर्चा, संवैधानिक मूल्यों और सदन की उच्च परंपराओं पर विश्वास ही नहीं है। इनके द्वारा लगातार सदन को प्रभावित करके प्रदेश की 25 करोड़ जनता के हितों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
25 करोड़ प्रदेशवासी देख रहे सपा का अलोकतांत्रिक आचरण
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आश्वस्त किया कि सरकार सदन में हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार है। पीठ के द्वारा नियम के अंतर्गत जिन भी मुद्दों को चर्चा के लिए आमंत्रित किया जाएगा, उन सभी मुद्दों पर सरकार सार्थक चर्चा को बढ़ाना चाहती है, क्योंकि हमारी सरकार जनहित के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन, विपक्षी दलों ने कभी लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं किया, बल्कि ये लोग जानबूझकर सदन की अवमानना कर लोकतंत्र की खिल्ली उड़ाना चाहते हैं। इन लोगों द्वारा लगातार सदन का माहौल खराब किया जा रहा है। प्रदेशवासी सपा के इस अलोकतांत्रिक आचरण को देख रहे हैं।
कहा- सदन में समाजवादी पार्टी का शर्मनाक बर्ताव
इसके बावजूद ये जानते हुए भी कि अयोध्या श्रीरामजन्मभूमि से सम्बंधित मामला उच्चतम न्यायालय में यह लंबित है, इन्होंने न सिर्फ आज सदन की अवमानना की है, साथ ही न्यायालय की निगरानी में चल रही प्रक्रिया को भी अपमानित करने का शर्मनाक प्रयास समाजवादी पार्टी द्वारा किया गया। हम चर्चा स्वीकार करते हैं, आप बात को सदन में नियम सहित रखें, लेकिन कार्यवाही का विरोध करना, प्लेकार्ड लहराना, अपमानजनक व्यवहार करना, समाजवादी पार्टी का यह शर्मनाक रवैया है।
हल्लाबोल जिस पार्टी का मुख्य उद्देश्य रहा हो...
सीएम योगी ने कहा, संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना यह समाजवादी पार्टी का शौक और शगल है। इनका लोकतांत्रिक मूल्यों पर कभी विश्वास नही रहा है। हम जानते है कि हल्लाबोल जिस पार्टी का मुख्य उद्देश्य रहा हो, वह लोकतांत्रिक कैसे कही जा सकती है।
कोई साधु संत शामिल नहीं
सीएम योगी ने कहा, इसमें किसी साधु संत का शामिल होना नहीं पाया गया है। 1100 से अधिक लोगों में 8 लोग की भूमिका पाई गई, जो पकड़े गए हैं उनका बीजेपी और साधु संतों से लेना देना नहीं है। इसके लिए राम मंदिर को अपमानित करना गलत है। सपा और कांग्रेस आरोप लगा रही जिन्होंने खुद रामजन्मभूमि और राम का अपमान किया है। संसद में कांग्रेस और सपा का ये आचरण सनातन धर्म का अपमान है।
