सीएम योगी का फैसला; 250 बेड वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की होगी स्थापना, आपात हालातों में मिलेगा तुरंत इलाज
- Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
- Updated Feb 10, 2026, 10:44 PM IST
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया है। इसके तहत 250 बेड वाला लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे। विश्वविद्यालय में नई स्वास्थ्य पहलों और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से रोगियों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।
सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो: एएनआई)
UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) में 250 बेड वाला लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यह सेंटर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के पास बनाया जाएगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात परिस्थितियों में घायल लोगों को तुरंत और उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा सकें। मंगलवार को विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि एक्सप्रेस-वे विश्वविद्यालय परिसर से लगभग 10 किलोमीटर दूर है, जिससे दुर्घटना पीड़ितों के इलाज में कीमती समय बर्बाद हो जाता है।
सेंटर फॉर रूरल हेल्थ स्थापित करने के निर्देश
प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर का संचालन सीधे विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर रूरल हेल्थ’ स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा, जिसमें टेली-ओपीडी, वर्चुअल ओपीडी, डिजिटल डेटा एकीकरण और मोबाइल आउटरीच जैसी सुविधाओं का समावेश हो। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं को मजबूत बनाने और चिकित्सा शिक्षा तथा अनुसंधान को नई दिशा देने से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
हब-एंड-स्पोक मॉडल को लागू करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय को पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में उच्चस्तरीय चिकित्सा, शिक्षण और शोध का प्रभावी केंद्र बनाया जाए। उन्होंने कहा कि उपचार, शिक्षा और अनुसंधान के सभी क्षेत्रों में गुणवत्ता, संवेदनशीलता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अग्रणी चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थानों की श्रेष्ठ प्रथाओं का अध्ययन कर उन्हें विश्वविद्यालय में अपनाया जाए। उन्होंने हब-एंड-स्पोक मॉडल को प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया, ताकि सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में समग्र सुधार हो सके।
इंटीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट स्थापित की जाएगी
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय में इंटीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट स्थापित की जाएगी। इसके माध्यम से एलोपैथी और आयुष पद्धतियों का समन्वय कर रोगी-केंद्रित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इस इकाई में इंटीग्रेटिव ओपीडी, विशेष क्लीनिक और योग एवं वेलनेस केंद्र शामिल होंगे। साथ ही, स्वास्थ्य जागरूकता और जनसंपर्क को मजबूत बनाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में कम्युनिटी ब्रॉडकास्ट सर्विस की स्थापना का निर्णय लिया गया। इसके जरिए स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, रोग-निवारण, सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी और शैक्षणिक सामग्री व्यापक स्तर पर प्रसारित की जाएगी।
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