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UP Budget 2026: यूपी का अब तक का सबसे बड़ा बजट, खुला 9.12 लाख करोड़ का पिटारा; शिक्षा और कृषि पर जोर

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में योगी सरकार का बजट 2026 पेश किया। 9.12 लाख करोड़ के इस मेगा बजट में प्रति व्यक्ति आय 1.20 लाख होने का अनुमान जताया गया है। जानें इस बजट की बड़ी बातें

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विधानसभा में बजट पेश करते वित्त मंत्री सुरेश खन्ना (स्क्रीनग्रैब: DD News)

UP Budget 2026: वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट पेश किया। इस बजट का कुल आकार 9,12,696.35 करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष के बजट की तुलना में 12.9 प्रतिशत अधिक है। यह बजट न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला है, बल्कि 2027 के चुनावों से पहले लोक-कल्याणकारी योजनाओं पर भी केंद्रित है।

बजट का आकार और आर्थिक वृद्धि

कुल बजट: 9 लाख, 12 हजार 696.35 करोड़ रुपये।

बजट में बढ़ोतरी: पिछले वर्ष के मुकाबले 12.9% का इजाफा।

जीएसडीपी (GSDP): 30.25 लाख करोड़ रुपये आकलित, जिसमें 13.4% की वृद्धि दर्ज की गई है।

कहां कितना होगा खर्च?

बजट में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और सामाजिक विकास के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है:

शिक्षा: कुल बजट का 12.4 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा क्षेत्र को समर्पित किया गया है।

कृषि: किसानों और खेती-किसानी के लिए 9 प्रतिशत बजट का प्रावधान है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 6 प्रतिशत राशि आवंटित की गई है।

पूंजीगत परिव्यय (Capital Outlay): विकास कार्यों और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कुल बजट का 19.5 प्रतिशत हिस्सा खर्च किया जाएगा।

प्रति व्यक्ति आय में रिकॉर्ड उछाल

वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय अब 1,09,844 रुपये हो गई है, जो 2016-17 (54,564 रुपये) के मुकाबले दोगुनी से भी अधिक है। वर्ष 2025-26 तक इसके 1.20 लाख रुपये पहुंचने का अनुमान है।

औद्योगिक महाशक्ति बनता यूपी

इलेक्ट्रॉनिक्स: यूपी देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग सेंटर है, जहां देश का 65% मोबाइल उत्पादन होता है।

निर्यात: प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

निवेश: अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू (MoU) साइन हो चुके हैं, जिससे 10 लाख रोजगार सृजित होंगे।

अर्थव्यवस्था: प्रति व्यक्ति आय और विकास की रफ्तार

बजट में उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति का लोहा मनवाया गया है।

जीएसडीपी: प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये आकलित की गई है।

प्रति व्यक्ति आय: यह अब 1,09,844 रुपये पहुँच गई है (जो 2016-17 से दोगुनी है) और अगले वर्ष 1.20 लाख रुपये होने का अनुमान है।

बेरोजगारी: प्रदेश में बेरोजगारी दर घटकर मात्र 2.24% रह गई है।

रैंकिंग: एसडीजी इंडिया इंडेक्स में यूपी 29वें स्थान से लंबी छलांग लगाकर 18वें स्थान पर आ गया है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश

सरकार ने विकास के बुनियादी स्तंभों के लिए खजाना खोल दिया है:

शिक्षा (12.4%): युवाओं के कौशल विकास पर जोर।

स्वास्थ्य (6%): हर जिला अस्पताल में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की जाएगी। साथ ही कैंसर और डायबिटीज की दवाओं के दाम कम करने की सराहनीय पहल शामिल है।

सड़क और सेतु: निर्माण और चौड़ीकरण के लिए 34,468 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।

पूंजीगत खर्च (19.5%): भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भारी निवेश।

तकनीकी क्रांति: AI मिशन और डेटा सेंटर

यूपी अब तकनीक और निवेश का नया केंद्र बन रहा है:

AI मिशन (225 करोड़): प्रदेश में यूपी एआई मिशन और 'टेक युवा समर्थ युवा' योजना शुरू की जाएगी।

डेटा हब: स्टेट डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर्स की स्थापना होगी।

मोबाइल उत्पादन: देश के 65% मोबाइल अब यूपी में बनते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।

किसानों और मजदूरों के लिए सौगात

गन्ना भुगतान: सरकार ने अब तक 3,04,321 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया है, जो पिछले 22 वर्षों के कुल भुगतान से भी 90 हजार करोड़ अधिक है।

सोलर सिंचाई: डीजल नलकूपों को सौर ऊर्जा आधारित बनाया जाएगा।

लेबर अड्डे: घर से दूर काम करने वाले मजदूरों के लिए विशेष 'लेबर अड्डों' का निर्माण होगा।

कृषि वितरण: सिंचाई योजनाओं के लिए 18,290 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण

पीपीपी मॉडल: अलग-अलग जिलों में जॉब प्लेसमेंट सेंटर स्थापित होंगे।

महिला स्पेशल: महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए अलग से कौशल विकास केंद्र बनेंगे और हर जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल का निर्माण होगा।

टूरिस्ट गाइड: 10 हजार टूरिस्ट गाइडों के कौशल विकास की योजना है।

केंद्र से मिली बड़ी मदद

वित्त मंत्री ने बताया कि केंद्रीय बजट ने भी यूपी की रफ्तार बढ़ाई है:

हाई स्पीड रेल: यूपी को दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी दो नए रेल कॉरिडोर मिले हैं।

विरासत विकास: सारनाथ और हस्तिनापुर जैसे पुरातात्विक स्थलों का कायाकल्प होगा।

उद्योग और MSME: 'एक जनपद एक व्यंजन'

MSME कॉरिडोर: 'सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर' के लिए 575 करोड़ का प्रस्ताव।

ODOP का नया रूप: 'एक जनपद एक व्यंजन' के लिए 75 करोड़ की नई योजना।

निवेश: 50 लाख करोड़ के एमओयू से 10 लाख रोजगार मिलने की उम्मीद है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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