केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी दूसरी मां काशीबाई का शुक्रवार (30 अक्टूबर) सुबह भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में उपचार के दौरान निधन हो गया। वे करीब 76 वर्ष की थीं और पिछले एक सप्ताह से गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती थीं। मां के निधन की दुखद खबर मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने सभी पूर्व निर्धारित सरकारी व राजनीतिक कार्यक्रम तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। वे रायसेन में आयोजित होने वाले किसान सम्मेलन में भी शामिल नहीं होंगे।
एक सप्ताह से AIIMS में वेंटिलेटर पर थीं काशीबाई
काशीबाई भोपाल के साकेत नगर स्थित आवास में निवासरत थीं। पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। सांस संबंधी गंभीर समस्या और सांस लेने में तकलीफ बढ़ने के बाद उन्हें एक सप्ताह पहले भोपाल एम्स में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में उनकी स्थिति नाजुक होने पर उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था, जहां शुक्रवार सुबह डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्होंने अंतिम सांस ली।
बचपन में उठ गया था सगी मां का साया, काशीबाई ने संभाला था परिवार
शिवराज सिंह चौहान का अपनी मां काशीबाई से बेहद गहरा और भावुक लगाव था। शिवराज सिंह चौहान की सगी मां सुंदरबाई का निधन उनके बचपन में ही हो गया था। छोटे बच्चों की देखभाल, परवरिश और गृहस्थी को संभालने के लिए उनके पिता स्वर्गीय प्रेम सिंह चौहान ने काशीबाई से दूसरी शादी की थी। काशीबाई ने ही शिवराज सिंह चौहान और उनके अन्य भाई-बहनों का सगी मां की तरह स्नेह से लालन-पालन किया और परिवार को संभाला।
गृह ग्राम जैत में दोपहर 3 बजे होगा अंतिम संस्कार
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय काशीबाई की पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव जैत (जिला सीहोर, मध्य प्रदेश) ले जाया जा रहा है। शुक्रवार दोपहर 3:00 बजे नर्मदा तट स्थित गृह ग्राम जैत में उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा। शिवराज सिंह चौहान ने जताया गहरा शोक: "जीवन में ऐसी रिक्तता आई, जिसे कोई नहीं भर सकता"
मां के देवलोकगमन के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की
शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि "आज हमारे पूरे परिवार के लिए अत्यंत दुःख और पीड़ा का दिन है। हमारी पूज्य माताजी श्रीमती काशी बाई जी हमें छोड़कर अनंत की यात्रा पर प्रस्थान कर गई हैं। माँ का जाना जीवन में एक ऐसी रिक्तता छोड़ जाता है, जिसे कोई भर नहीं सकता। आज उनकी स्मृतियाँ मन को भावुक कर रही हैं। परमपिता परमेश्वर के श्रीचरणों में प्रार्थना है कि माताजी को अपने दिव्य धाम में स्थान प्रदान करें। ओम शांति!" काशीबाई के निधन पर मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के दिग्गजों ने गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
