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'किसान के अंतिम संस्कार में कोई नहीं जाएं, जानवर खाएंगे तब....', शिवसेना विधायक संजय गायकवाड का विवादित बयान

महाराष्ट्र में किसानों की बढ़ती आत्महत्याओं पर शिवसेना विधायक संजय गायकवाड ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या करने वाले किसानों के अंतिम संस्कार में कोई शामिल न हो और शव को जानवर खाने लगें, तब दूसरे किसानों को सबक मिलेगा। उन्होंने किसानों से परिवार का साथ न छोड़ने की अपील भी की।

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किसानों की आत्महत्या पर शिवसेना विधायक संजय गायकवाड का विवादित बयान। Photo- संजय गायकवाड फेसबुक हैंडल

महाराष्ट्र में किसानों की बढ़ती आत्महत्याओं को लेकर शिवसेना विधायक संजय गायकवाड ने ऐसा बयान दिया है, जिस पर विवाद खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या करने वाले किसानों के अंतिम संस्कार में किसी को शामिल नहीं होना चाहिए। इतना ही नहीं, उन्होंने यहां तक कह दिया कि जब किसान की लाश को जानवर खाएंगे, तब दूसरे किसानों को आत्महत्या न करने का एहसास होगा।

'किसान के अंतिम संस्कार में कोई नहीं जाए'

किसानों की आत्महत्या पर नाराजगी जाहिर करते हुए विधायक संजय गायकवाड ने कहा कि आत्महत्या करने वाले किसानों के अंतिम संस्कार में किसी को नहीं जाना चाहिए। उनके मुताबिक, जब किसी किसान की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार में कोई शामिल नहीं होगा और शव को जानवर खाएंगे, तब दूसरे किसानों को इसका एहसास होगा।

उनका मानना है कि इस तरह का कदम उठाने से किसान आत्महत्या करने से बच सकते हैं। हालांकि, उनके इस बयान में किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए किसी ठोस सरकारी या सामाजिक उपाय का उल्लेख नहीं किया गया।

'परिवार को बीच में छोड़कर नहीं जाना चाहिए'

शिवसेना विधायक ने किसानों से अपने परिवार के साथ खड़े रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि किसान को अपने परिवार का साथ देना चाहिए और बीच में ही परिवार को छोड़कर नहीं जाना चाहिए।

गायकवाड ने किसानों की बढ़ती आत्महत्याओं पर चिंता और नाराजगी जाहिर करते हुए यह टिप्पणी की। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब किसानों की आर्थिक परेशानियों और आत्महत्या के मामलों को लेकर लगातार चर्चा होती रही है।

बयान पर उठ सकते हैं सवाल

किसानों की आत्महत्या एक गंभीर सामाजिक और आर्थिक मुद्दा है। कर्ज, फसल का नुकसान, कम आमदनी और आर्थिक दबाव जैसी कई परिस्थितियां किसानों को संकट में डाल सकती हैं। ऐसे में आत्महत्या करने वाले किसानों के अंतिम संस्कार का बहिष्कार करने और शव को जानवरों के हवाले करने जैसी टिप्पणी पर सवाल उठना लाजिमी है।

Rakesh Kamal Trivedi
राकेश त्रिवेदीauthor

20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ टीवी पत्रकारिता में सक्रिय, वर्तमान में TIMES NOW नवभारत में न्यूज़ एडिटर। क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म में मजबूत पकड़ के साथ महाराष्ट्र की राजनीति और हाई-इम्पैक्ट राष्ट्रीय खबरों पर गहरी नज़र। डेटा-ड्रिवन रिसर्च, निर्भीक सवाल, ऑन-ग्राउंड एक्सपीरियंस और बेबाक विश्लेषण का संतुलित मिश्रण उनकी शैली की खासियत है।

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