Udaipur News: उदयपुर के प्रताप नगर थाने में पुलिसकर्मियों ने मानवता और अपनेपन की अनोखी मिसाल पेश की। यहां पिछले कई सालों से थाने में खाना बना रही महिला के बेटे की शादी में पुलिसकर्मियों ने मामा की भूमिका अदा की। उन्होंने शादी में पारंपरिक “मायरा” भरकर सभी लोगों का दिल जीत लिया। पुलिस टीम ढोल-नगाड़ों के साथ उनके घर पहुंची और 1.11 लाख रुपये का मायरा देकर परिवार की खुशी में शामिल हुए।
बेटे की शादी में पुलिस बनी मीराबाई का सहारा
जानकारी के मुताबिक रविवार शाम प्रताप नगर थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) पूरण सिंह राजपुरोहित सहित कई पुलिसकर्मी ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक संगीत के साथ सुंदरवास स्थित मीराबाई के घर पहुंचे। पुलिसकर्मी पारंपरिक राजस्थानी साफा पहनकर आए थे। उनके हाथों में नकद राशि और कपड़ों से सजी हुई थालियां थीं।

25 साल से खाना बनाने वाली महिला को पुलिस का सम्मान
मीराबाई और उनके परिवार ने पुलिसकर्मियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस दौरान SHO पूरण सिंह राजपुरोहित ने मीराबाई के कंधों पर चुनरी ओढ़ाकर उनका सम्मान किया। इसके बाद पुलिस टीम ने 1.11 लाख रुपये की राशि और पारंपरिक उपहार उन्हें भेंट किए। यह देखकर मीराबाई भावुक हो गईं और उनकी आंखों में खुशी के आंसू झलक आए।
पुलिसकर्मियों ने मां समान महिला का किया सम्मान
सब-इंस्पेक्टर रेणु खोईवाल ने बताया कि पिछले करीब 25 सालों से मीराबाई प्रताप नगर थाने में पुलिसकर्मियों के लिए खाना बना रही हैं। वह बिल्कुल मां की तरह सभी पुलिसकर्मियों का ख्याल रखती हैं और अक्सर पुलिसकर्मियों को समय पर खाना खाने की याद भी दिलाती हैं, ताकि कोई भी भूखा न रहे। उन्होंने बताया कि मीराबाई ने हमेशा परिवार की तरह पुलिसकर्मियों की देखभाल की है। ऐसे में उनके बेटे की शादी में उनका सम्मान करना पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी है। इसी भावना से पूरे थाना स्टाफ ने मिलकर मीराबाई के बेटे की शादी में मायरा भरने का फैसला किया।
