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गंगोत्री-गोमुख में नहर की धारा में बह गए दो कांवड़िया, 10 युवकों का SDRF ने किया रेस्क्यू

उत्तराखंड में भारी बारिश से नहर और नदियां उफान पर हैं। यही कारण है कि गंगोत्री-गोमुख मार्ग पर नहर में दिल्ली के दो कांवड़िया बह गए। इसके अलावा एसडीआरएफ की टीम ने देहरादून में रॉबर्स गुफा के पास द्वीप पर फंसे 10 युवाओं को बचाया है।

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गंगोत्री-गोमुख में 2 कांवडिया डूबे

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
मुख्य बातें
  • उत्तराखंड में भारी बारिश से उफान पर नहर और नदियां
  • गंगोत्री-गोमुख मार्ग पर नहर में दिल्ली के दो कांवड़िया बह गए
  • एसडीआरएफ ने रॉबर्स गुफा के पास द्वीप पर फंसे 10 युवाओं का किया रेस्क्यू

देहरादून: दिल्ली के दो कांवड़िया उत्तराखंड में गंगोत्री-गोमुख मार्ग पर गुरुवार को उस समय उफनती नहर में बह गए जब मार्ग पर बना अस्थायी लकड़ी का पुल अचानक बढ़े जलस्तर से टूट गया। दिल्ली के रहने वाले सूरज और मोनू, चिरबासा नहर पार करते समय पुल टूट जाने से पानी की तेज धार में बह गए। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिस स्थान पर यह घटना घटी वह गंगोत्री से करीब नौ किलोमीटर दूर है।

नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा

उन्होंने बताया कि ग्लेशियर पिघलने के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट ने गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान के उपनिदेशक को नदी में बहे कांवड़ियों की तलाश करने और गोमुख में फंसे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालने का निर्देश दिया है। उन्होंने चिरबासा नदी पर तत्काल वैकल्पिक पुल बनाने के भी निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि गोमुख की ओर भोजवासा के पास गढ़वाल मंडल विकास निगम के विश्राम गृह और अन्य आश्रमों में 35 तीर्थयात्री सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है।

10 युवाओं का रेस्क्यू

इसके अलावा एसडीआरएफ ने देहरादून में रॉबर्स गुफा के पास द्वीप पर फंसे 10 युवाओं को बचाया है। ये सभी घूमने के वास्ते यहां पहुंचे थे। लेकिन, अचानक जलस्तर बढ़ने से फंस गए। एसडीआरएफ ने सूचना मिलते ही रेस्क्यू अभियान शुरू किया और सभी को सुरक्षित कर लिया।

(इनपुट-भाषा)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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