उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में राम बारात निकालने को लेकर दो समुदाय आपस में भिड़ गए। बवाल के दौरान लाठी-डंडे और तलवारें भी चलीं। जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। जिसके बाद राम बारात अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई। इस मामले में हिंदूवादी संगठन के लोगों ने 150 लोगों के खिलाफ तहरीर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
रास्ते को लेकर बवाल
यह घटना चंडौस थाना क्षेत्र की है जहां रामलीला के आयोजन के तहत रविवार को राम बारात निकाली जा रही थी। आयोजकों के अनुसार बारात तय रास्ते से ही होकर गुजर रही थी। इसी बीच चामड़ से मुख्य चौराहे पर राम बारात के पहुंचने पर मस्जिद के अंदर से 70-80 लोग लाठी-डंडों और तलवारों के साथ निकले और बारात को रोकने लगे। जिसका विरोध करने पर दोनों समुदाय आपस में भिड़ गए, इस दौरान वहां पर नारेबाजी भी हुई।
घटनास्थल पर आए पुलिस, प्रशासन अधिकारी
पुलिस को घटना की सूचना मिलने पर डीआईजी शलभ माथुर, डीएम इंद्र विक्रम सिंह, एसएसपी कलानिधि नैथानी, एसपी सिटी मृगांग शेखर समेत पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। जिसके बाद दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। हालांकि इस घटना को लेकर हिंदू संगठन के लोगों में गुस्सा भरा हुआ है और वे कार्रवाई की मांग कर रहे है। इलाके में तनाव की स्थिति अभी भी बरकरार है।
150 लोगों पर केस दर्ज
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने दूसरे समुदाय के 150 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि राम बारात के दौरान करीब 100-150 लोगों ने लाठी-डंडो और हथियारों के साथ शोभायात्रा पर हमला किया। उन्होंने इस हमले को सोची समझी साजिश बताया।
