त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शनिवार को अगरतला रेलवे स्टेशन (बदरघाट) से अगरतला-करीमगंज-अगरतला मेमू (MEMU) ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पूर्वोत्तर क्षेत्र की पहली मेमू ट्रेन सेवा है, जो बिजली से चलने वाली पैसेंजर ट्रेन के रूप में राज्य के लिए गर्व का विषय बन गई है। इस उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को सबसे बड़ी खुशखबरी देते हुए बताया कि आने वाले दिनों में त्रिपुरा को अपनी पहली वंदे भारत एक्सप्रेस भी मिलने जा रही है।
हाईटेक मेमू ट्रेन की खूबियां
त्रिपुरा से असम के करीमगंज के बीच शुरू की गई इस मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट ट्रेन को सुरक्षा और यात्री सुविधा के लिहाज से बेहद आधुनिक बनाया गया है। इसके मुख्य फीचर्स इस प्रकार हैं:
यात्री क्षमता: इस हाईटेक मेमू ट्रेन में कुल 12 कोच लगाए गए हैं, जो एक बार में करीब 3,600 यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर कराने में सक्षम हैं।
सुरक्षा के इंतजाम: ट्रेन के सभी डिब्बों के भीतर सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए CCTV कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई है।
रियल-टाइम ट्रैकिंग: यात्रियों को ट्रेन की सटीक लोकेशन और आने वाले स्टेशनों की जानकारी देने के लिए इसमें जीपीएस (GPS) आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है।
एडवांस्ड ब्रेकिंग सिस्टम: यात्रा को सुरक्षित और हादसों से मुक्त बनाने के लिए ट्रेन में हाई-क्वालिटी ब्रेकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.
2026 तक ट्रैक बिजलीकरण और वंदे भारत का प्लान
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने राज्य के रेलवे इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि 1964 में पहली बार त्रिपुरा में मीटर-गेज ट्रेन आई थी, जिसे पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में ब्रॉड-गेज में बदला गया। अब राज्य शत-प्रतिशत बिजलीकरण की ओर बढ़ रहा है।
वंदे भारत को लेकर सीएम का ऐलान किया कि इसी साल चुरैबारी से लेकर त्रिपुरा भर में लगभग 271 किलोमीटर की रेलवे लाइन का बिजलीकरण पूरा कर लिया जाएगा। जैसे ही यह काम पूरा होगा, त्रिपुरा से देश की सबसे प्रीमियम सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन 'वंदे भारत एक्सप्रेस' का परिचालन भी शुरू कर दिया जाएगा।
डबल ट्रैक और धार्मिक शहरों के लिए नई ट्रेनों की मांग
त्रिपुरा सरकार केवल वंदे भारत पर ही नहीं रुक रही है। सीएम साहा ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर त्रिपुरा के आखिरी सीमावर्ती शहर सबरूम तक डबल रेलवे लाइन बिछाने की मांग उठाई है। इसके लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है। इसके साथ ही, जिरानिया से बोधजंग नगर औद्योगिक क्षेत्र तक 14 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसके लिए 560 करोड़ का बजट अनुमानित है। राज्य सरकार ने रेल मंत्रालय से त्रिपुरा के लोगों के लिए जम्मू, पुरी (ओडिशा) और गया (बिहार) जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों के लिए भी सीधी नई एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू करने का आग्रह किया है।
