पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय अपने सबसे बड़े आंतरिक संकट से गुजर रही है। पार्टी के भीतर मचे इस घमासान के बीच टीएमसी नेता कुणाल घोष ने बागी विधायकों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने निष्कासित एंटली विधायक संदीपन साहा पर आरोप लगाया कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी के चुनावी खाते से 25 लाख रुपये का इस्तेमाल किया था।
कुणाल घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ये बागी विधायक टीएमसी के सिंबल और पार्टी के पैसों के दम पर पहली बार विधायक बने हैं। उन्होंने कहा, "संदीपन साहा ने चुनाव के दौरान कुल 27 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए, जिसमें से 25 लाख रुपये इसी खाते से लिए गए थे। आज वही लोग इस खाते की जांच की मांग कर रहे हैं। उन्हें तुरंत यह पैसा चुनाव आयोग को लौटा देना चाहिए।" घोष ने इन बागी विधायकों को पीठ में छुरा घोंपने वाला बताया और इसे विरोधियों की एक साजिश करार दिया।
'कट मनी' या घोटालों का हो सकता है पैसा-ऋतब्रत बनर्जी
दूसरी तरफ, बागी गुट का नेतृत्व कर रहे पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने इस जांच की मांग का बचाव किया है। उन्होंने टीएमसी के फंड के स्रोतों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधायकों को इस पैसे के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पैसा 'कट मनी', सरकारी फंड की हेराफेरी या घोटालों का हो सकता है, जिसकी जांच के लिए उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई है। बनर्जी ने पार्टी द्वारा चार्टर्ड फ्लाइट्स पर किए जा रहे करोड़ों के खर्च पर भी सवाल उठाए।
बैंक खातों से होने वाले सभी लेन-देन पर लगे रोक-अरूप विश्वास
इस वित्तीय विवाद के बीच, टीएमसी के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास ने कोलकाता के एचडीएफसी बैंक को पत्र लिखकर पार्टी के बैंक खातों से होने वाले सभी लेन-देन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक पार्टी के नियंत्रण का यह विवाद नहीं सुलझ जाता, तब तक स्टेटस को (यथास्थिति) बनाए रखा जाए। आपको बता दें कि टीएमसी के 80 में से 58 विधायकों ने बगावत कर अपना अलग गुट बना लिया है, जिससे यह संकट बेहद गहरा गया है।
