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NSC vs KVP: पोस्ट ऑफिस की किस स्कीम में ₹1 लाख लगाने पर मिलेगा ज्यादा रिटर्न? देखें कैलकुलेशन

अगर आप निवेश पर रिस्क लेना नहीं चाहते हैं तो आपके लिए पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीम बेस्ट है। आपको तय में गारंटीड रिटर्न मिलता है।

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पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम

अगर आप शेयर-बाजार के उतार-चढ़ाव को झेलने में सहज नहीं हैं तो आपके लिए पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीम एक बेहतर विकल्प है। आप अपनी मेहनत की कमाई को पोस्ट ऑफिस की बचत योजना में निवेश कर गारंटीड रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। आज हम आपको पोस्ट ऑफिस की दो सेविंग स्कीम, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) और किसान विकास पत्र (KVP) के बारे में बता रहे हैं। मौजूदा समय में NSC पर सालाना 7.7% की ब्याज दर, जबकि KVP पर 7.5% की ब्याज दर मिल रही है। NSC पांच साल में मैच्योर होती है, जबकि KVP निवेश की रकम को 115 महीनों में दोगुना कर देती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इन दोनों में आपके लिए कौन बेस्ट है।

1 लाख के निवेश पर कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न?

NSC और KVP की तुलना

जानकारीनेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)किसान विकास पत्र (KVP)
निवेश₹1,00,000₹1,00,000
ब्याज दर7.7%7.5%
मैच्योरिटी अवधि5 साल115 महीने (9 साल 7 महीने)
मैच्योरिटी पर रकम₹1,44,900₹2,00,000
कुल ब्याज/कमाई₹44,900₹1,00,000

आपके लिए कौन सी स्कीम बेहतर है?

रिटर्न की सीधी तुलना करें तो, KVP में निवेशकों को मैच्योरिटी पर ज़्यादा रकम मिलती है। फिर भी, ₹2 लाख पाने के लिए निवेशकों को लगभग 9 साल और 7 महीने तक इंतज़ार करना पड़ता है। दूसरी ओर, NSC इन्वेस्टमेंट 5 साल में मैच्योर हो जाता है और यह उन लोगों के लिए ज्यादा सही हो सकता है जो कम समय के लिए निवेश करना चाहते हैं। फिर भी, किसी निवेशक के लिए कौन सी स्कीम बेहतर है, इसका जवाब पूरी तरह से उनकी आर्थिक स्थिति, मौजूदा जरूरतों, लंबे समय के आर्थिक लक्ष्यों, कर्ज के स्तर, पारिवारिक जिम्मेदारियों और अन्य बातों पर निर्भर करता है।

इसके अलावा, लागू इनकम-टैक्स नियमों के तहत NSC में निवेश करने पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स का फायदा भी मिलता है। KVP में योग्य निवेशकों को सेक्शन 80C के तहत ऐसी कोई छूट नहीं मिलती है।

NSC या KVP: मुख्य बात

अगर कोई निवेशक टैक्स फ़ायदों के साथ 5 साल के लिए निवेश करना चाहता है, तो उसे NSC चुनना चाहिए। वहीं, KVP उन निवेशकों के लिए सही हो सकता है जो लंबे समय तक अपना पैसा निवेशित रख सकते हैं और जिनका मकसद अपने शुरुआती निवेश को दोगुना करना है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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