Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वारदात के कथित मास्टरमाइंड अनिल पंडित ने हमले से पहले ही ऐसी साजिश रची थी, जिससे पुलिस और दूसरी जांच एजेंसियां उस तक न पहुंच सकें। इसके लिए उसने बैंक खातों, ऑनलाइन पेमेंट और QR कोड के माध्यम से पैसों के लेन-देन का जटिल नेटवर्क तैयार किया था।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क का उद्देश्य वारदात में शामिल आरोपियों तक पहुंचने वाले पैसों के असली स्रोत को छिपाना था। अनिल पंडित ने कथित तौर पर करीब 25 से 30 अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल कर मामले में गिरफ्तार 12वें आरोपी अमर सुरेश मुंडेलिया के खाते में पैसे ट्रांसफर किए थे।
25 से 30 बैंक खातों के जरिए पहुंचाई गई रकम
क्राइम ब्रांच की तकनीकी और वित्तीय जांच में सामने आया है कि अमर मुंडेलिया के खाते में छोटी-छोटी रकम कई माध्यमों से ट्रांसफर की गई थी। इसके लिए अलग-अलग ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म और QR कोड का इस्तेमाल किया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुंडेलिया के बैंक खाते की जांच में कई गुप्त और पारंपरिक माध्यमों से पैसे पहुंचाने के संकेत मिले हैं। शुरुआती जांच में करीब 50 हजार रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि वित्तीय जांच आगे बढ़ने पर यह रकम बढ़ सकती है। जांच में यह भी पता चला है कि अमर मुंडेलिया और कुणाल सीधे अनिल पंडित के संपर्क में थे। आरोप है कि बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन के नेटवर्क का इस्तेमाल करने में मदद करने के बदले मुंडेलिया को कमीशन दिया जाता था।
फायरिंग में इस्तेमाल बाइक खरीदने के लिए भी भेजे गए पैसे
जांच में फायरिंग में इस्तेमाल पल्सर मोटरसाइकिल की खरीद से जुड़ा लेन-देन भी सामने आया है। क्राइम ब्रांच के अनुसार, मुख्य आरोपी कुणाल के निर्देश पर अमर मुंडेलिया ने 25 हजार रुपये ऋतिक कुमार के बैंक खाते में ट्रांसफर किए थे। ऋतिक कुमार रैपिडो राइडर है। पुलिस के मुताबिक, इस रकम का इस्तेमाल टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक को खरीदने के लिए किया गया था। पैसे मिलने के बाद ऋतिक ने बाइक के मूल मालिक से संपर्क किया और उसे खरीदा। बाइक की कीमत का कुछ हिस्सा नकद और बाकी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए चुकाया गया था।
शूटर और अन्य आरोपियों के खातों में भी भेजी गई रकम
क्राइम ब्रांच को ऐसे सबूत भी मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि अमर मुंडेलिया ने छोटी-छोटी रकम शूटर रेहान और मामले के कुछ अन्य सह-आरोपियों के बैंक खातों में भी ट्रांसफर की थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, कथित तौर पर तैयार किए गए इस वित्तीय नेटवर्क का मकसद पैसों के लेन-देन की कड़ियों को छिपाना और अनिल पंडित तक पहुंचने से जांचकर्ताओं को रोकना था। फिलहाल क्राइम ब्रांच बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है, ताकि पूरे वित्तीय नेटवर्क और उसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
