राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज सियासी पारा अपने चरम पर है। एक तरफ जहां रामलीला मैदान में 'INDIA' ब्लॉक द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महारैली आयोजित की गई है, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसके विरोध में एक बड़ा प्रोटेस्ट मार्च निकालने की पूरी तैयारी कर ली है। बीजेपी का यह मार्च मुख्य रूप से 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों और न्याय की मांग को केंद्रित करके आयोजित किया जा रहा है।
सिख समुदाय की भागीदारी पर जोर
बीजेपी का यह विरोध मार्च आज सुबह 11 बजे दिल्ली के हरि नगर इलाके से शुरू होना तय किया गया है। इस प्रदर्शन में लगभग 5,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। पार्टी की योजना खास तौर पर सिख समुदाय के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की है। सिख समुदाय से आने वाले कई वरिष्ठ BJP नेताओं के साथ पार्टी के अन्य प्रमुख नेता भी मार्च में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों और उनके परिवारों के भी मार्च में हिस्सा लेने की संभावना है। BJP इस दौरान दंगों में कांग्रेस नेताओं की कथित भूमिका का मुद्दा उठाएगी।
विनोद तावड़े ने कांग्रेस पर साधा निशाना
BJP नेता विनोद तावड़े ने सोशल मीडिया पोस्ट में 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने लिखा, "1984 के जख्म आज भी जिंदा हैं। उन्हें कांग्रेस अपनी नौटंकी के शोर में दबा नहीं सकती।" तावड़े ने कहा कि 1 नवंबर 1984 को दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिखों के खिलाफ हिंसा हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान घर जलाए गए, परिवार उजाड़े गए और हजारों निर्दोष लोगों की हत्या हुई। उन्होंने हिंसा में कांग्रेस नेताओं की भूमिका और तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के विवादित बयान का भी जिक्र करते हुए जवाबदेही का सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि चार दशक बाद भी पीड़ितों का दर्द और न्याय की मांग कायम है।
राहुल गांधी की रैली पर भी उठाए सवाल
BJP की तरफ से साझा किए गए एक अन्य संदेश में कहा गया कि दिल्ली में सिखों के नरसंहार की बरसी के दिन ही कांग्रेस ने रैली रखी है। इसमें राहुल गांधी से रैली नहीं करने की अपील की गई। संदेश में कहा गया कि राहुल गांधी को तिलक विहार जाकर अपने पिता और दादी की गलतियों के लिए माफी मांगनी चाहिए।
रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली
कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रैली की घोषणा की है। 5 अक्टूबर को कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसकी घोषणा की थी। विपक्षी दलों का यह आंदोलन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
