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कसाइयों से संबंध रखने वालों को गोबर में दुर्गंध ही मिलेगी, सीएम योगी ने अखिलेश को सुनाई खरी-खरी

सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग जो गौकशी करवाते थे, गौ तस्करों और कसाइयों के साथ जिनके संबंध थे, वे गौ माता की सेवा करना क्या जानें। उन्हें तो गौ माता के गोबर में दुर्गंध ही मिलेगी। उन्हें अपने कृत्यों में दुर्गंध नजर नहीं आती है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Photo : Twitter

CM Yogi Wraps Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमला करते हुए मंगलवार को कहा कि गौकशी करवाने और कसाइयों के साथ संबंध रखने वाले सपा के लोग गौ माता की सेवा करना क्या जानें, उन्हें तो गोबर में दुर्गंध ही मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बरेली में विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ये निराश्रित गोवंश समाजवादी पार्टी ने दिए हैं और इसीलिए इन्होंने गायों को लावारिस छोड़ दिया था। देखिये ना, समाजवादी पार्टी के मुखिया क्या कहते हैं कि मुझे गोबर से दुर्गंध आती है।

वे गौ माता की सेवा करना क्या जानें

उन्होंने कहा, समाजवादी पार्टी के लोग जो गौकशी करवाते थे, गौ तस्करों और कसाइयों के साथ जिनके संबंध थे, वे गौ माता की सेवा करना क्या जानें। उन्हें तो गौ माता के गोबर में दुर्गंध ही मिलेगी। उन्हें अपने कृत्यों में दुर्गंध नजर नहीं आती है। उन्हें गौ माता की सेवा में दुर्गंध नजर आती है और इसीलिए उनके अध्यक्ष के मुंह से यह बात निकल ही गई। आदित्यनाथ ने कहा, इनकी असलियत यही है, जो गौ माता को कसाइयों के हवाले करते थे। हमने कसाइयों को जब जहन्नुम की यात्रा में भेजा तो इनको परेशानी हुई।

अखिलेश पर किया पलटवार

मुख्यमंत्री ने यह बयान हाल में सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा कन्नौज में की गयी उस टिप्पणी के बाद दिया है, जिसमें उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में एक सवाल पर कहा था, ये जो भारतीय जनता पार्टी के लोग हैं, उनकी नफरत की दुर्गंध है। मैं तो कन्नौज के सुगंध वाले लोगों से कहूंगा कि भारतीय जनता पार्टी की इस दुर्गंध को हटाएं। आप बताइए ये दुर्गंध पसंद करते हैं इसीलिए गौशाला बना रहे हैं। आदित्यनाथ ने बरेली में हुए दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि बरेली अब बदल चुका है। यह वही बरेली है, याद करिए 2017 से पहले जहां वर्ष में पांच, सात, 10 दंगे हुआ करते थे... पिछले आठ वर्ष में बरेली में कोई दंगा नहीं हुआ। बरेली अब चंगा है।

कहा- अब दंगाई चूहे की तरह बिलबिलाते हैं

उन्होंने कहा, अब सब दंगाई चूहे की तरह बिलबिलाते हैं लेकिन बाहर निकलने का दुस्साहस नहीं कर पाते हैं। उन्हें मालूम है कि दंगा करेंगे तो इसका परिणाम क्या होगा। बाप-दादा ने जो कमाई की होगी, वह भी एक झटके में सरकार जब्त करके गरीबों में बंटवाने का काम करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब निराश्रित गोवंशीय पशु को पालने पर सरकार 1500 रुपये प्रति पशु के हिसाब से उपलब्ध करायेगी। उन्होंने कहा कि आम के आम और गुठलियों के भी दाम, इसी को कहते हैं। यानी गौ माता की सेवा का पुण्य भी पाओ और सरकार से अनुदान भी पाओ।

बरेली की पहचान के साथ खिलवाड़

उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर बरेली की पहचान के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा, पिछली सरकारों ने बरेली को झुमके के साथ जोड़ा था। हम लोगों ने बरेली को नाथ नगरी के रूप में पहचान दिलाई है, नाथ गलियारा देकर आपको आपकी पौराणिक पहचान दिलाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आज बरेली में निवेश आ रहा है। यहां पर उद्योग लग रहे हैं। तमाम निवेश हो रहे हैं। बरेली आज एक गंदी सिटी के रूप में नहीं बल्कि स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी पहचान बनाकर देश और दुनिया में अपनी धमक के साथ आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने ‘नमामि गंगे योजना’ का भी जिक्र करते हुए कहा, अविरल और निर्मल गंगा की परिकल्पना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साकार किया है। उसके बदले में हमें भव्य और दिव्य कुंभ मिला। हम आभारी हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण उत्तर प्रदेश को यह भव्य और दिव्य कुंभ आयोजित करने का अवसर मिला और उत्तर प्रदेश की पहचान वैश्विक स्तर पर पहुंची।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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