उत्त्तरकाशी के तलड़ा गांव में प्रशासन की अनदेखी के बाद लोगों ने कमल नदीं पर खुद ही पुलिया बना डाली। गत वर्ष नदी पर बनी आरसीसी पुलिया बह गई थी। जिसके बाद गांव के लिए आज तक पुलिया का निर्माण नहीं हो पाया। जिस कारण ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करना पड़ रहा था। पुलिया के निर्माण को लेकर जब शासन-प्रशान ने कोई सुध नहीं ली, तो ग्रामीणों ने खुद ही अस्थाई पुलिया नदी पर बना दी।
इससे पहले पत्थरों से बनाई थी पुलिया
पुरोला विधानसभा के तलड़ा गांव के लिए जिला पंचायत की ओर से एक आरसीसी पुलिया का निर्माण कराया गया था। लेकिन गत वर्ष मानसून के दौरान कमल नदी उफान पर थी, जिस कारण यह पुलिया बह गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने यहां आवाजाही के लिए पत्थरों से अस्थायी पुलिया बनाई। यह भी इस साल मॉनसून के दौरान बरसात में बह गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने लकड़ी के इस्तेमाल से एक बार फिर यहां अस्थाई पुल बनाया है।
शासन-प्रशासन की अनदेखी से परेशान ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि नदी पर बनी पुलिया के बहने के कारण उन्हें अपनी नकदी फसलें सड़क तक पहुंचाने में बहुत समस्या होती है। इसके लिए उन्हें करीब चार से पांच किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। इसके साथ ही स्कूली बच्चों को भी अपनी जान जोखिम में डालकर यहां से आवाजाही करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस गांव में करीब चालिस परिवार रहते हैं। गांव के लोगों को गत वर्ष से शासन-प्रशासन की अनदेखी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मामले की कहीं पर सुनवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर कमल नदी पर लकड़ी की पुलिया बना दी।
