शहर

Taj Mahal Controversy: ईद से पहले ताजमहल परिसर में 'हरे कृष्णा-हरे राम'; पर्यटकों के कीर्तन का वीडियो वायरल, ASI ने CISF से मांगी रिपोर्ट

Taj Mahal Controversy: ईद से पहले ताजमहल परिसर के मुख्य मकबरे पर पर्यटकों द्वारा 'हरे कृष्णा-हरे राम' का भजन-कीर्तन करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। ASI ने नियमों के उल्लंघन को लेकर सुरक्षा एजेंसी CISF से रिपोर्ट तलब की है।

Image

ताजमहल के मुख्य मकबरे पर पर्यटकों के भजन-कीर्तन करने पर हंगामा (सांकेतिक चित्र)

Taj Mahal Kirtan Controversy: देश की सबसे चर्चित ऐतिहासिक इमारतों में से एक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित स्मारक ताजमहल से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर ताजमहल की मुख्य गुंबद के नीचे 'चमेली फर्श' पर कुछ पर्यटकों द्वारा सामूहिक भजन-कीर्तन किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक और सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। ईद से ठीक पहले सामने आए इस वीडियो को लेकर अब सुरक्षा के दावों और नियमों की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

वायरल वीडियो में क्या है?

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा यह वीडियो करीब 1 मिनट 2 सेकंड का बताया जा रहा है। वीडियो में ताजमहल के मुख्य मकबरे के पास चमेली फर्श पर, मेहमानखाना की दिशा में कुछ पर्यटक जमीन पर बैठे हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में एक व्यक्ति और उसके सामने बैठी अधिकांश महिलाएं और युवतियां तालियां बजाते हुए 'हरे कृष्णा-हरे राम' का कीर्तन कर रही हैं। वीडियो बनाने वाला व्यक्ति भी इस बात की पुष्टि कर रहा है कि ताजमहल परिसर के भीतर भजन-कीर्तन चल रहा है।

ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

ताजमहल देश के सबसे संवेदनशील और अत्यधिक संरक्षित स्मारकों में गिना जाता है। इसकी आंतरिक सुरक्षा की कमान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के हाथों में होती है, जबकि बाहरी सुरक्षा की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश पुलिस और ताज सुरक्षा पुलिस संभालती है। परिसर में प्रवेश के दौरान पर्यटकों की एयरपोर्ट जैसी कड़े स्तर की मेटल डिटेक्टिंग, बैगेज स्कैनिंग और सुरक्षा जांच होती है, जहां कई प्रकार की वस्तुओं को भीतर ले जाने पर सख्त प्रतिबंध है. ऐसे में इतनी भारी सुरक्षा और CCTV निगरानी के बावजूद परिसर के भीतर इस तरह की गतिविधि होना सुरक्षा दावों की पोल खोलता है।

क्या कहता है ASI का नियम?

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के नियमों के अनुसार, संरक्षित स्मारकों में पहले से प्रचलित पारंपरिक गतिविधियों के अलावा किसी भी अन्य या नई धार्मिक गतिविधि के संचालन की सख्त मनाही है। ताजमहल परिसर में केवल शुक्रवार (जब ताज बंद रहता है), रमजान और ईद के विशेष अवसरों पर ही नमाज पढ़ने की अनुमति दी जाती है। इसके अलावा अन्य दिनों में वहां नमाज पढ़ने पर भी पाबंदी है। नियमों के मुताबिक, इन निर्धारित अवसरों को छोड़कर ताजमहल में किसी भी अन्य प्रकार के धार्मिक आयोजन या गतिविधियों की इजाजत बिल्कुल नहीं है।

जांच में जुटी एजेंसियां, मांगी गई रिपोर्ट

मामला गरमाने के बाद एएसआई के अधिकारियों ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है. ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक कलंदर बिन्द ने जानकारी दी कि उन्होंने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए सुरक्षा एजेंसी CISF से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह वीडियो किस तारीख का है; यह पुराना है या फिर मंगलवार को ही फिल्माया गया है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Cities News in Hindi) अपडेट और ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारी author

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृ... और देखें

End of Article