Gorakhpur Encounter: यूपी एसटीएफ ने गोरखपुर में सोमवार देर रात बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश मारा गया। इस दौरान हुई फायरिंग में आरोपी और एसटीएफ का एक हेड कांस्टेबल घायल हो गया। जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी की पहचान 40 वर्षीय मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू के रूप में हुई है। उस पर हत्या समेत कई संगीन मामले दर्ज है। वह लंबे समय से फरार चल रहा था।
खुफिया सूचना पर STF ने की कार्रवाई
एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि आजमगढ़ जिले के मेहनगर थाना क्षेत्र के खुंदनपुर गांव का रहने वाला इनामी बदमाश मुस्तफीजुल रहमान किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से गोरखपुर में मौजूद है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ की टीम ने सोमवार रात करीब 12 बजे उसे घेरने की कोशिश की। खुद को घिरा देख बदमाश ने भागने का प्रयास किया। इस दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। एसटीएफ ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बदमाश के पैर में गोली लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौके से हथियार और बाइक बरामद
घटनास्थल से पुलिस ने एक .32 बोर की पिस्टल, आरोपी की बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल और बड़ी मात्रा में जिंदा व इस्तेमाल किए गए कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने इन सभी चीजों को जब्त कर फॉरेसिंग लैब में जांच के लिए भेज दिया है।
20 साल से ज्यादा का आपराधिक रिकॉर्ड
एसटीएफ के अनुसार, मुस्तफिजुल पर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश, धमकी, चोरी और पुलिस हिरासत से फरार होने सहित 10 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसका अपराध का इतिहास 2003 से शुरू हुआ था।
महाराष्ट्र पुलिस की हिरासत से भी भाग चुका था
पुलिस के मुताबिक, दिसंबर 2024 में मुस्तफिजुल महाराष्ट्र के अमरावती ग्रामीण जिले में पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। इसके बाद से वह लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता आ रहा था। उसके खिलाफ यूपी के हारदोई जिले में भी साल 2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज हुआ था।
