बिजनेस

मेट्रो में रील्स बनाई या तेज आवाज में बजाया गाना तो लगेगा 2500 रुपए का जुर्माना! दिल्ली समेत दूसरे मेट्रो में जल्द लागू हो सकता है नियम

अगर आप मेट्रो से सफर करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। मेट्रो में तेज आवाज में गाने बजाना, रील्स चलाना या अन्य यात्रियों को परेशान करना महंगा पड़ सकता है।नियम तोड़ने पर ₹2500 तक का जुर्माना कैसे लग सकता है।

Image

मेट्रो में रील्स बनाई या तेज आवाज में बजाया गाना तो लगेगा 2500 रुपए का जुर्माना!

मेट्रो आज के समय में शहरी लाइफलाइन बन चुकी है, जिसमें रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से मेट्रो कोच और प्लेटफॉर्म्स पर रील्स (Reels) बनाने, डांस करने और बिना ईयरफोन के तेज आवाज में गाने या वीडियो बजाने का चलन तेजी से बढ़ा है। सह-यात्रियों को होने वाली इसी भारी असुविधा और शोर-शराबे को रोकने के लिए अब मेट्रो प्रशासन बेहद कड़े कदम उठाने की तैयारी में है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सफर के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अब मेट्रो में रील्स बनाने या मोबाइल पर लाउड वॉल्यूम में गाने बजाने पर ₹2,500 का भारी-भरकम जुर्माना लगाने का नियम तैयार किया गया है। यह सख्त नियम फिलहाल कुछ मेट्रो रूट्स पर सख्ती से लागू करने की योजना है, लेकिन यात्रियों की बढ़ती शिकायतों और सोशल मीडिया पर होने वाली हुड़दंगबाजी को देखते हुए दिल्ली मेट्रो (DMRC) समेत देश के दूसरे बड़े मेट्रो नेटवर्क्स में भी इसे जल्द से जल्द लागू किया जा सकता है।

क्या है नियम?

मेट्रो अधिनियम (Metro Railways Act) के मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार, मेट्रो ट्रेनों और स्टेशनों के भीतर किसी भी तरह का उपद्रव करना, सह-यात्रियों की शांति में बाधा डालना या बिना अनुमति के व्यावसायिक व व्यक्तिगत व्लॉगिंग करना प्रतिबंधित है। नए नियमों के तहत यदि कोई यात्री कोच के भीतर ईयरफोन का इस्तेमाल किए बिना सीधे मोबाइल स्पीकर पर तेज आवाज में गाने सुनता है, रील्स स्क्रॉल करता है, या फिर सह-यात्रियों की निजता का उल्लंघन करते हुए कैमरे से रील या डांस वीडियो रिकॉर्ड करता पाया जाता है, तो उसे सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

कितना लगेगा जुर्माना?

ऐसे मामलों में मेट्रो की सुरक्षा टीम या फ्लाइंग स्क्वाड न केवल उस यात्री पर ₹2,500 का नकद जुर्माना लगा सकता है, बल्कि बार-बार नियमों की अनदेखी करने पर यात्री को अगले स्टेशन पर ट्रेन से बाहर भी उतारा जा सकता है या उसका टिकट रद्द किया जा सकता है। इस नियम का मुख्य उद्देश्य मेट्रो सफर को सभी के लिए शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाना है, खासकर बुजुर्गों, मरीजों और कामकाजी लोगों के लिए जो शोर-शराबे से बचना चाहते हैं।

दिल्ली मेट्रो समेत अन्य शहरों के मेट्रो प्रशासन ने पहले भी कई बार सोशल मीडिया के जरिए यात्रियों से अपील की है कि वे मेट्रो को केवल परिवहन का साधन समझें और इसे रील बनाने का थिएटर न बनाएं, लेकिन केवल अपीलों का कोई खास असर न होते देख अब इस आर्थिक जुर्माने के कड़े प्रावधान को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को अपने व्यक्तिगत मनोरंजन के लिए ईयरफोन या हेडफोन का अनिवार्य रूप से उपयोग करना चाहिए ताकि पास बैठे अन्य यात्री विचलित न हों।

आने वाले दिनों में सुरक्षाकर्मियों (जैसे RPF या मेट्रो सुरक्षा गार्ड्स) को कोचों के भीतर रैंडम चेकिंग करने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ मौके पर ही चालान काटने के अधिकार दिए जा सकते हैं। इसलिए, यदि आप भी अक्सर मेट्रो में सफर करते हैं, तो अगली बार ईयरफोन ले जाना न भूलें और कोच के भीतर कैमरा ऑन करने से बचें, क्योंकि आपकी एक रील या लापरवाही आपको ₹2,500 की भारी चपत लगा सकती है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

End of Article