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Surat: उधना स्टेशन पर यात्रियों की बेकाबू भीड़, यूपी-बिहार जाने के लिए 24 घंटे से कतार में खड़े हजारों मुसाफिर; देखें Video

Surat Video: सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर यूपी-बिहार जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ है। अब तक करीब 10,500 यात्री विशेष ट्रेनों से रवाना।

Surat News: सूरत के उधना रेलवे स्टेशन से प्रवासी मजदूरों के पलायन की ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो किसी बड़े संकट की याद दिलाती हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले यात्रियों की बेकाबू भीड़ के कारण पूरा स्टेशन परिसर किसी छावनी जैसा नजर आ रहा है। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज तक करना पड़ा।

उधना स्टेशन पर उमड़ा जनसैलाब

गर्मियों की छुट्टियों और स्थानीय कारखानों में वेकेशन घोषित होने के बाद सूरत से अपने घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या लाखों में पहुंच गई है। ड्रोन कैमरों से ली गई तस्वीरों में स्टेशन के बाहर और प्लेटफॉर्म पर पैर रखने तक की जगह नहीं दिख रही है। Video में देखा जा सकता है कि लोग कैसे बैरिकेड तोड़कर आ रहे हैं। पिछले 24 घंटों से चिलचिलाती धूप में लंबी कतारों में लगकर लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

लाठीचार्ज और पुलिस की अपील

भीड़ इतनी अनियंत्रित हो गई कि सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त होने लगी। यात्रियों को कतार में रखने और भगदड़ जैसी स्थिति को टालने के लिए रेलवे पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। रेलवे प्रशासन और पुलिस लगातार लाउडस्पीकर के जरिए यात्रियों से अपील कर रहे हैं कि वे स्टेशन पर भीड़ न बढ़ाएं और घर वापस लौट जाएं, लेकिन घर जाने की बेताबी के आगे मुसाफिर हटने को तैयार नहीं हैं।

क्यों बढ़ा पलायन का दबाव?

इस भारी भीड़ के पीछे मुख्य वजह कारखानों में एक साथ छुट्टियों की घोषणा और इलाके में गैस की किल्लत बताई जा रही है। काम बंद होने के कारण श्रमिक वर्ग जल्द से जल्द अपने गांवों की ओर रुख कर रहा है। रेलवे स्टेशन के एआरओ (ARO) श्रवण कुमार मेघवाल ने जानकारी दी कि अब तक कुल 4 विशेष ट्रेनों के जरिए 10,500 से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य (यूपी और बिहार) के लिए रवाना किया जा चुका है। रेलवे प्रशासन अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की कोशिशों में जुटा है, ताकि स्टेशन पर जमा भीड़ को सुरक्षित निकाला जा सके।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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